हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा का उपसभापति तीसरी बार निर्विरोध निर्वाचित किया गया। उनका यह निर्वाचन सदन में व्यापक सहमति, विश्वास और सम्मान का प्रतीक माना गया।
सिर्फ स्मार्ट सिटी बनाना ही विकास नहीं है। भारत के संतुलित और समावेशी विकास के लिए जरूरी है कि गांवों को भी सशक्त बनाया जाए, जहां बुनियादी सुविधाओं, रोजगार और अवसरों का समान विस्तार हो।
बिहार में 4 मई 2026 के बाद संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज है। पुराने और नए चेहरों के संतुलन के साथ जातीय समीकरण साधने की तैयारी चल रही है।
बिहार में हर साल गेहूं की पकी फसल आग की भेंट चढ़ रही है, जिससे हजारों एकड़ जमीन और करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। कारणों की अस्पष्टता और सरकारी लापरवाही के बीच किसानों का संकट लगातार गहराता जा रहा है।
बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद शराबबंदी को लेकर बहस तेज हो गई है। जहां एक वर्ग इसे सामाजिक सुधार मानता है, वहीं दूसरा तबका इसके खिलाफ है-क्या नई सरकार इस नीति में बदलाव करेगी?
मार्च 2026 की सीपीग्राम्स रिपोर्ट में 2 लाख से अधिक लंबित शिकायतों का खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में सबसे अधिक मामले दर्ज हुए हैं, जबकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नागरिकों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है।