नई दिल्लीः प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा जारी मार्च 2026 की 44वीं मासिक रिपोर्ट देश में लोक शिकायत निवारण प्रणाली की वास्तविक स्थिति को सामने लाती है। केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS Report) के ताजा आंकड़े बताते हैं कि जहां शिकायतों का पंजीकरण लगातार बढ़ रहा है, वहीं उनके निपटान की गति अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है।
शिकायतों का आंकड़ा और निपटान
CPGRAMS Report के अनुसार मार्च 2026 में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कुल 83,365 नई लोक शिकायतें दर्ज की गईं, जबकि 75,245 मामलों का निपटारा किया गया। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद 31 मार्च 2026 तक कुल लंबित शिकायतों की संख्या बढ़कर 2,01,088 हो गई है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया अभी भी दबाव में है।
राज्यवार स्थिति
राज्यवार स्थिति पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश सबसे अधिक शिकायतों के बोझ से जूझता नजर आता है, जहां 22,985 मामले लंबित हैं। इसके बाद गुजरात का स्थान है, जहां 5,417 शिकायतें लंबित हैं। इसके अलावा देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक हजार से अधिक शिकायतें लंबित बनी हुई हैं, जो प्रशासनिक तंत्र के सामने बड़ी चुनौती का संकेत है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती भागीदारी
डिजिटल प्लेटफॉर्म की पहुंच में बढ़ोतरी भी इस रिपोर्ट में साफ झलकती है। मार्च 2026 के दौरान 75,853 नए उपयोगकर्ताओं ने CPGRAMS Portal पर पंजीकरण कराया, जिनमें से 12,865 उपयोगकर्ता अकेले उत्तर प्रदेश से हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि नागरिक अब अपनी शिकायतों के समाधान के लिए डिजिटल माध्यमों पर अधिक भरोसा जता रहे हैं।
फीडबैक सिस्टम की सक्रियता
वहीं, फीडबैक तंत्र भी सक्रिय रहा। फीडबैक कॉल सेंटर ने मार्च में कुल 74,069 प्रतिक्रियाएं एकत्र कीं, जिनमें से 28,095 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त हुईं। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार शिकायतों के समाधान के बाद नागरिक संतुष्टि को भी मापने की दिशा में काम कर रही है।
CSC नेटवर्क की भूमिका
ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में पहुंच बढ़ाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) नेटवर्क की भूमिका भी महत्वपूर्ण बनती जा रही है। मार्च 2026 में 12,763 शिकायतें CSC के माध्यम से दर्ज की गईं। देशभर में 5 लाख से अधिक CSC केंद्र और 25 लाख से अधिक ग्राम स्तरीय उद्यमी (VLE) इस व्यवस्था से जुड़े हुए हैं, जिससे डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली का दायरा व्यापक हुआ है।
सेवोत्तम योजना के तहत प्रशिक्षण
इसके साथ ही प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने के प्रयास भी जारी हैं। सेवोत्तम योजना के तहत पिछले चार वित्तीय वर्षों में 1,134 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 37,620 अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। यह पहल अधिकारियों की दक्षता बढ़ाने और शिकायतों के त्वरित निपटान में सहायक मानी जा रही है।
प्रशासनिक पहल और समीक्षा
CPGRAMS Report में यह भी उल्लेख किया गया है कि 6 जून 2025 से वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा शिकायतों की समीक्षा के लिए एक समर्पित मॉड्यूल लागू किया गया है। इसके अलावा 27 मार्च 2026 को DARPG के अतिरिक्त सचिव की अध्यक्षता में मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्यों के प्रदर्शन का आकलन किया गया।
चुनौती बरकरार
कुल मिलाकर, मार्च 2026 की यह रिपोर्ट एक दोहरी तस्वीर पेश करती है-एक ओर डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बढ़ती पहुंच और नागरिक सहभागिता, तो दूसरी ओर लंबित शिकायतों का बढ़ता बोझ। ऐसे में यह स्पष्ट है कि अब चुनौती केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके त्वरित और प्रभावी निपटान को सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक हो गया है।
