नई दिल्लीः देश में महिला सशक्तिकरण को लेकर एक बड़ा संदेश देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि विधायी निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने की पहल को पूरे देश में व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने मंगलवार को ‘नारी शक्ति’ के नाम लिखे एक भावनात्मक पत्र के माध्यम से इस दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को फिर दोहराया।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि दशकों से लंबित महिला आरक्षण का सपना अब साकार होने की दिशा में है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2029 से होने वाले लोकसभा चुनाव और राज्य विधानसभा चुनावों में महिला आरक्षण लागू करने के निर्णय को देशभर की माताओं, बहनों और बेटियों ने सराहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में लिखा कि यह केवल एक नीतिगत निर्णय नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को न्याय और समान अवसर देने का संकल्प है। उन्होंने ‘नारी शक्ति’ की भूमिका को राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से लोकतंत्र और मजबूत होगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की महिलाएं इस पहल को लेकर उत्साहित हैं और इसे एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देख रही हैं।
देशभर की हमारी माताएं-बहनें और बेटियां, साल 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव से महिला आरक्षण सुनिश्चित करने के निर्णय की सराहना कर रही हैं।
भारत की नारी शक्ति को समर्पित अपने इस पत्र में मैंने दशकों से लंबित इस संकल्प को जल्द साकार करने के विषय में देशवासियों के साथ अपनी भावनाएं… pic.twitter.com/ybUGJj8Vtk
— Narendra Modi (@narendramodi) April 14, 2026
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला आरक्षण लागू होने से न केवल संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या बढ़ेगी, बल्कि नीति-निर्माण में भी उनके दृष्टिकोण को अधिक महत्व मिलेगा।
