21.1 C
New Delhi
Sunday, November 29, 2020

लॉकडाउनः नीतीश जी कुछ कीजिए, नहीं तो अकाल मौत मर जाएंगी ये मधुमक्खियां

पटनाः COVID-19 के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने पहले 25 मार्च से 14 अप्रैल और अब 14 अप्रैल से तीन 3 मई तक लॉकडाउन जारी रखने का निर्णय लिया है। इस निर्णय ने गरीबों के साथ ही मधुमक्खियों को भी खतरे में डाल दिया है। अंदेशा लगाया जा रहा है कि इस अवधी में दो लाख बक्सों मे बंद अनगिनत मधुमक्खियां आकाल मौत मर जाएंगी और हजारों टन ताजा मधु से लोग वंचित रह जायेंगे।

मधुमक्खियों को नहीं मिल पा रही खुराक

जी हां! लीची और आम के मंजरों से मधुमक्खियां रस चूसती हैं। मुजफ्फरपुर के गांव-गांव में मधु उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है, क्योंकि यहां लीची बगानों की अच्छी तादाद है। मंजर आने से पहले ही बगानों में मधु उत्पादक सक्रिय हो जाते हैं। उनके बक्से में कैद मधुमक्खियां मंजरों से परागकण चूसकर वापस बक्से में आ जाती हैं। स्थानीय लीची बागों में अब मंजर की जगह फल आ गए हैं, लिहाजा मधुमक्खियों को लीची के मंजर से मिलने वाली खुराक रस व पराग मिलनी बंद हो गई, जैसा हर बार होता है।

Advertisement

Read also: कोरोना के ख़िलाफ जंग में पीएम मोदी ने माँगा सात का साथ

झारखंड में नहीं शिफ्ट हो पा रहे मधुमक्खियों के बक्से

खुराक को ध्यान में रखकर स्थानीय मधुमक्खी पालक इन बक्सों को झारखंड भेज देते हैं। वहां से इनको खूंटी, रांची, गुमला आदि के बागों तक पहुंचा दिया जाता है। यही मधुमक्खियां झारखंड में ताजे शहद के उत्पादन का वाहक बनतीं हैं। लेकिन हालत यह है कि लॉकडाउन में ट्रकों को परमिट नहीं मिलने की वजह से मुजफ्फरपुर और चंपारण के लीची बागों से दो लाख बक्सों को इस बार अब तक झारखंड शिफ्ट नहीं किया जा सका है। जानकारी बताती है कि फिलहाल मधुमक्खी पालक तकरीबन 750 ट्रकों से अपने दो लाख बक्सों को झारखंड भेजने के इंतजार में हैं।

Advertisement

…तो बेमौत मर जाएंगी मधुमक्खियां

अगर सरकार ने इन्हे परमिट दे भी दिया, तो ख़तरा पुरी तरह नहीं टला हुआ नहीं कहा जा सकता है, क्योंकि मधुमक्खियां लकड़ी के बक्से में मोम का छत्ता बनाकर रहती हैं। बढ़ती गर्मी, बक्सा लदे वाहनों को रास्ते में हर चेकपोस्ट पर रोकना और कागज चेकिंग के नाम पर देर तक खड़े रखना ऐसे में भूख और गर्मी से ये मधुमक्खियां मर जायेंगी। पहले ये वाहन बगीचे से उठाकर सीधे बक्से को दूसरे शहर के बगीचे में उतार देते रहे हैं। इनके खतम होते ही लाखों का नुकसान होगा और एक सीजन बरबाद होने से पालकों के समक्ष भुखमरी की नौबत आ जायेगी।

Read also: पुरे देश में तीन मई तक लॉकडाउन, प्रधानमंत्री मोदी ने की घोषणा

मधुमक्खी पालकों पर पड़ रही दोहरी मार

अकेले मुजफ्फरपुर में करीब 12 हजार लोग मधु के व्यवसाय से जुड़े है। तीन हजार टन मधु तैयार होता है। लॉकडाउन की वजह से मुजफ्फरपुर की मशहूर लीची शहद के खरीदार भी बगानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। नतीजतन मधुमक्खी पालक दोहरी मार झेल रहे हैं। एक तो मधुमक्खियों को बचाये रखने के लिए उन्हें चीनी अथवा गुड़ का घोल देना पड़ रहा है तथा दूसरी तरफ तैयार शहद बगानों में बर्बाद हो रहा है। मजबूरन कुछ मधुमक्खीपालक बक्सों को पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन एवं छौड़ादानो ले जाने की जुगत में हैं, जहां जंगली फूल से मधुमक्खियां लाल शहद तैयार करतीं हैं।

मधुमक्खी पालकों का दर्द

बिहार मधुमक्खी पालक संघ के अध्यक्ष दिलीप कुशवाहा के अनुसार मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण में मधुमक्खी पालक किसान अलग-अलग मौसम के फूलों से शहद उत्पादन करते हैं। मधुमक्खी पालक करीब दो लाख बक्से लेकर एक राज्य से दूसरे राज्य प्राय: आते-जाते रहते हैं। लेकिन पाबंदी की वजह से बाग में तैयार शहद को घर तक लाने अथवा खरीदारों तक पहुंचाने का कोई उपाय नजर नहीं आ रहा।

Read also: कोरोना इंसानों के लिए ही नहीं, बेजुबान जानवरों और पंछियों के लिए भी काल!

कई मधुमक्खी पालक तो खुद ही हरियाणा एवं पंजाब की खरीदार कंपनियों के संपर्क में रहते और उन तक तैयार शहद पहुंचा देते थे। लेकिन ट्रक का परमिट नहीं मिलने से मुश्किल आ रही है। रास्ते में पुलिस बागवानी मिशन से जारी पत्र के आधार पर शहद लदे ट्रकों को आगे बढ़ने नहीं दे रही है। हालांकि मुजफ्फरपुर के डीटीओ रजनीश लाल ने बताया कि मधुमक्खी पालक अपने आवेदन का रसीद मुझे देंगे तो प्राथमिकता के आधार पर उन्हें परमिट जारी किया जाएगा। इसके लिए वे ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।

 

 

Avatar
अभय पाण्डेय
आप एक युवा पत्रकार हैं। देश के कई प्रतिष्ठित समाचार चैनलों, अखबारों और पत्रिकाओं को बतौर संवाददाता अपनी सेवाएं दे चुके अभय ने वर्ष 2004 में PTN News के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। इनकी कई ख़बरों ने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लेटेस्ट अपडेट

error: Content is protected !!