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Saturday, March 2, 2024
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Bihar Election 2020: चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से मांगा सुझाव, विपक्ष ने जताई आपत्ति

पटना: चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव और कुछ सीटों पर उपचुनावों के मद्देनजर राष्ट्रीय व प्रदेश स्तरीय मान्यता प्राप्त दलों से कोरोना में मतदान कराने को लेकर सुझाव मांगे हैं। राजनीतिक दलों से अपने सुझाव 27 जुलाई तक आयोग को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

आयोग ने दलों से पूछा है कि देश कोरोना महामारी से गुजर रहा है। इसको लेकर आपदा प्रबंधन एक्ट के माध्यम से कई गाइडलाइनें तैयार की गयी हैं। कई गाइडलाइनें राज्य सरकारों ने भी दी हैं। इनका पालन किया जाना है।

आयोग ने सभी दलों के अध्यक्ष और महासचिव को पत्र लिखा

आयोग ने सभी राष्ट्रीय व क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के अध्यक्ष और महासचिव को पत्र लिखा है कि वे इस महामारी में चुनाव कराने को लेकर सुझाव दें।

आयोग ने कहा है कि कोरोना की रोकथाम के लिए सभी को सार्वजनिक स्थलों पर मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। सोशल डिस्टेंसिंग के पालन और सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी गाइडलाइन तैयार की गयी है। इसके अलावा सार्वजनिक स्थलों पर थर्मल स्क्रीनिंग भी की जानी है। साथ में सैनिटाइजेशन भी किया जाना है। ऐसी परिस्थिति में राजनीतिक दल अपना सुझाव दें, जिससे कि कोरोना महामारी का चुनाव के वक्त प्रसार नहीं हो।

विपक्षी दलों ने पूछा वोटिंग में 2 गज की दूरी कैसे रखेंगे

आरजेडी, कांग्रेस, लेफ्ट, सहित बिहार विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने इन्हीं सवालों के साथ शुक्रवार को चुनाव आयाेग ने ज्ञापन सौंपा। दरअसल विपक्षी दलों की मंशा है कि कोरोना महामारी को देखते हुए विधानसभा चुनाव को कुछ दिनों के लिए टाल दिया जाए। वहीं सत्तारूढ़ जेडीयू और बीजेपी दोनों दल तय समय पर चुनाव चाह रहे हैं।

हालांकि एनडीए गठबंधन की तीसरे साथी चिराग पासवान जरूर चुनाव टालने के पक्ष में हैं। विपक्षी दलों ने आयोग को सौंपे ज्ञापन में हालात की समीक्षा कर उन्हें संतुष्ट करने को कहा कि बीमारी के बीच वे किस तरह कदम उठाएंगे।

मौजूदा हालात ठीक नहीं है चुनाव कैसे होगा ?

वैसे इन दलों ने अपने पत्र में इस बात का जिक्र नहीं किया कि वे चुनाव को टालना चाहते हैं। लेकिन तमाम सवाल इस ओर इशारा कर रहे हैं कि मौजूदा हालात में चुनाव संभव नहीं है। मालूम हो कि एक दिन पहले ही चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों की एक बड़ी मांग मानते हुए 65 साल ऊपर के वोटर को पोस्टल बैलेट की सुविधा देने के अपने पुराने आदेश को वापस ले लिया था। अब वह पुरानी परंपरा की तरह 80 साल के ऊपर के वोटर को ही सुविधा मिलेगी।

दीपक सेन
दीपक सेन
मुख्य संपादक