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Friday, July 10, 2020

सर्दी, खांसी, बुखार और सांस में तकलीफ ही नहीं, ये भी हो सकते हैं कोरोना के लक्षण

नई दिल्लीः कोरोना वायरस अब अपना रूप बदल रहा है। जी हाँ, कुछ देशों में कोरोना के बदले हुए लक्षण मिल रहे हैं, जिससे इस बात को बल मिल रहा है। अब तक तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, खांसी, सीने में तेज दर्द आदि कोरोना के लक्षण बताये जा रहे थे, लेकिन अब पेट में दर्द, गंध या स्वाद का पता न चलना, लगातार सिरदर्द रहना, हाथ-पैर की अंगुलियों में जामुनी रंग का घाव होना और दिमाग में सूजन व स्ट्रोक आदि लक्षण कोरोना संक्रमितों में मिल रहे हैं।

विदेशों में मिले कोरोना के कई नए लक्षण

ऐसे कई मामले इटली, फ्रांस आदि में मिले हैं जो ज्यादा तबाही झेल रहे हैं। वहां की मीडिया बता रही है कि बीते चार माह में कोरोना के 15 से अधिक लक्षण देखे गए हैं। आमतौर पर चिकनपॉक्स में पैरों पर दिखने वाला जामुनी रंग का घाव भी कोरोना संक्रमण का एक लक्षण हो सकता है। यह दावा इटली और स्पेन के विशेषज्ञों ने किया है। इन दोनों देशों में ऐसे लोग भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए, जिनके अंगूठे में गहरे घाव थे। ये लक्षण खासतौर पर बच्चों और किशोरों में देखे गए।

हाथ-पैर की अंगुलियों में जामुनी रंग का घाव होना

इटली में कोरोना के संक्रमण की शुरुआत में 13 साल के बच्चे का मामला सामने आया। उसके पैरों में गहरे रंग का घाव जैसा था जिसे मकड़ी के काटने का निशान माना गया। घाव बढ़ने पर उसे 8 मार्च को अस्पताल ले जाया गया। दो दिन बाद, बुखार, सिरदर्द, शरीर में खुजली, घाव पर जलन, मांसपेशियों में दर्द के लक्षण दिखे। इटली में कोरोना का पहला मामला सामने आने के 5 हफ्तों के बाद एक रिपोर्ट जारी की गई।

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रिपोर्ट में बताया कि हॉस्पिटल में हर पांच में एक बच्चे की चमड़ी पर अलग किस्म के बदलाव दिख रहे हैं। पैरों में जामुनी रंग के घाव के मामले बच्चों में अधिक सामने आ रहे हैं। स्पेनिश जनरल काउंसिल ऑफ पीडियाट्रिक्स कॉलेज में 7500 प्रोफेशनल्स है। इन्होंने ऐसा डाटा तैयार किया, जिसमें वो बच्चे थे जिनके पैर पर घाव हुआ था। इन पर अध्ययन किया गया। काउंसिल की रिपोर्ट में सामने आया कि ऐसे मामले इटली, स्पेन और फ्रांस में कोरोना से संक्रमित मरीजों में मिले हैं, इनमें सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की है।

कोरोना पीड़ितों के पेट में दर्द, उल्टी और डायरिया जैसे लक्षण

चीन से मिले आंकड़ों के अनुसार 50 फीसदी कोरोना मरीजों में पेट में दर्द, उल्टी और डायरिया जैसे लक्षण देखे गए। अमेरिकन जर्नल ऑफ गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी में प्रकाशित शोध के मुताबिक, चीन के हुबेई प्रांत में कोरोना के 204 मरीजों पर हुई रिसर्च में इसकी पुष्टि हुई है। द सन की एक रिपोर्ट में लंदन के बलहम शहर निवासी इस्ला हसलम ने अपना अनुभव शेयर किया।

इस्ला ने कहा, जब वह कोरोनावायरस के संक्रमण से जूझ रही थीं तो पेट में अजीब किस्म का दर्द महसूस हुआ, यह संक्रमण का पहला लक्षण था। एक दिन सुबह उठी तो लगा कि फूड पॉइजनिंग हुई है। कुछ घंटों बाद गले में सूजन और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखे। रात तक नाक पूरी बंद हो चुकी थी। शरीर में अकड़न हो रही थी और काफी भारीपन महसूस होने के साथ बुखार चढ़ रहा था। 50 फीसदी कोरोना मरीजों में पेट में दर्द, उल्टी और डायरिया जैसे लक्षण देखे गए।

गंध या स्वाद का पता न चलना कोरोना के लक्षणों में शामिल

गंध या खुशबू को सूंघ न पाना और स्वाद महसूस न होना भी कोरोना संक्रमण का शुरुआती लक्षण है। ब्रिटिश रायनोलॉजिकल सोसायटी के प्रेसिडेंट निर्मल कुमार के मुताबिक, दक्षिण कोरिया, चीन और इटली में कोरोना पीड़ितों में इसकी पुष्टि हुई है। रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण कोरिया में कोरोना से पीड़ित 30 फीसदी लोगों में गंध को न सूंघ पाना सबसे प्रमुख लक्षण था।

बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ के अलावा यह भी एक अहम लक्षण है, जो संक्रमण पहचानने में मददगार साबित हो सकता है। ऐसी ही रिपोर्ट अमेरिकन एकेडमी ऑफ ओटोलैरेंगोलॉजी ने भी हाल ही में जारी की है। अमेरिकन एकेडमी की रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे लक्षण दिखने पर बिना देरी किए डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए। शोधकर्ताओं के मुताबिक, खुशबू महसूस न कर पाना भी कोरोनावायरस के संक्रमण का एक शुरुआती लक्षण है।

सिरदर्द, ब्रेन स्ट्रोक, दिमागी दौरे, एन्सेफेलाइटिस

अमेरिका के मिशिगन में करीब 50 साल की एक महिला एयरलाइनकर्मी को कोरोना का संक्रमण हुआ। उसे कुछ नहीं समझ हीं आ रहा था, उसने डॉक्टर को सिरदर्द होने की समस्या बताई। बमुश्किल वह डॉक्टर को अपना नाम बता पाई। जब ब्रेन स्कैनिंग की गई तो सामने आया कि दिमाग के कई हिस्सों अलग तरह की सूजन है। दिमाग के एक हिस्से की कुछ कोशिकाएं डैमेज होकर खत्म हो गई थीं।

इटली की ब्रेसिका यूनिवर्सिटी के हॉस्पिटल से जुड़े डॉ. एलेसेंड्रो पेडोवानी के मुताबिक, कोरोना के मरीजों में ऐसा ही बदलाव इटली और दुनिया के दूसरे हिस्से डॉक्टरों ने भी नोटिस किया। इसमें ब्रेन स्ट्रोक, दिमागी दौरे, एन्सेफेलाइटिस के लक्षण, दिमाग में खून के थक्के जमना, सुन्न हो जाना जैसी स्थिति शामिल हैं। कुछ मामलों में कोरोना का मरीज बुखार और सांस में तकलीफ जैसे लक्षण दिखने से पहले ही बेसुध हो जाता है।

इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो उसे नज़रअंदाज ना करें

महामारी की शुरुआत में विश्व स्वास्थ्य संगठन और सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने इसके लक्षणों पर एडवाइजरी जारी की थी जिसके मुताबिक, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, खांसी, सीने में तेज दर्द, चेहरा या होंठ नीला पड़ना, संक्रमण का लक्षण था। लेकिन पिछले 4 महीने में जो मामले सामने आए उनमें कई और लक्षण भी पाए गए, इसे समझना बेहद जरूरी है। अब पेट में दर्द महसूस होना, गंध या स्वाद का पता न चलना, लगातार सिरदर्द महसूस, पैर में जामुनी रंग का घाव होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

कोरोना के इन लक्षणों के बारे में डॉ दिवाकर तेजस्वी की राय

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