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Friday, July 30, 2021

विश्व महिला दिवस पर होगा कैंसर को लेकर जागरूकता एवं स्क्रीनिंग कैम्प का आयोजन

गयाः विश्व महिला दिवस के अवसर पर स्तन कैंसर एवम सर्वाइकल कैंसर पर एक जागरूकता स्क्रीनिंग कैम्प के आयोजन का निर्णय लिया है। इस शिविर का आयोजन मगध OBS एंड गाइनेकोलॉजिकल सोसाइटी (MAGADH OBS AND GYNAECOLOGICAL SOCIETY) ने FOGSI के आह्वान पर किया है। शिविर का उदघाटन मुख्य अतिथि मगध रेंज के IG करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में गया के SSP, कमांडेंट CRPF (कोबरा) और कमांडेंट CISF भाग लेंगे।

इस शिविर में पहली बार एक ही दिन पूरे भारतवर्ष के 258 शाखाओं पर स्त्रीरोग विशेषज्ञों द्वारा महिला पुलिसकर्मी CRPF (कोबरा बटालियन) , RPF, GRP एवम पुलिसकर्मियों के महिला सदस्यों को विभिन्न तरह के कैंसर से बचाव के लिए जागरुक किया जाएगा। साथ ही उनका स्क्रीनिग भी किया जायेगा, जिस में पॉजिटिव पाये गई महिलाओं को अग्रेतर मुफ्त में जाँच की भी व्यवस्था की गयी है।

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बात दें राष्ट्रीय स्तर पर FOGSI के रूप में कार्यरत यह संस्था अतरराष्ट्रीय संगठन FIGO एवम WHO से जुड़ा हुआ है। यह संस्था का निरंतर महिलाओं के स्वास्थ्य सुधार के लिए प्रयत्नशील रहती है

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महिलाओं में पाए जाते हैं चार प्रकार के कैंसर

  1. स्तन कैंसर (BREAST CANCER),
  2. सर्वाइकल कैंसर या बच्चेदानी के मुह का कैंसर (CERVICAL CENCER)
  3. बच्चेदानी के अंदरुनी परत का कैंसर (ENDOMETRIAL CANCER) ,
  4. अडाशय का कैंसर (OVARIAN CANCER)

इसमें प्रथम दो प्रकार के कैंसर स्तन कैंसर (BREAST CANCER), सर्वाइकल कैंसर या बच्चेदानी के मुह का कैंसर (CERVICAL CENCER) बहुतायत में पाये जाते है।

एक सर्वे Globocan 2018 के दवारा एक बर्ष में ब्रेस्ट कैंसर के 1.62468 एवम सर्वाइकल कैसर (Cervical cancer) के 96,322 नये मरीज पाये गये। इसमें सर्वाइकल कैंसर से 60,078 की मृत्यु हुई। एक अलग सर्व के अनुसार विकसित देशों में सर्वाइकल कैंसर का स्क्रीनिंग 63% एवं विकाशशील देशों में केवल 19% है, यही कारण है कि विकसित देशों की तलना में विकाससील देशों में सर्वाइकल कैसर से होने वाले मृत्यु दर अधिक है।

इसीलिये FIGO एवम WHO ने 2030 तक सर्वाइकल कैंसर को खात्मा करने के लिए संकल्प लिया है। परतु यह कार्य एक साथ पूरे समूह को करना कठिन है इसीलिये इसमें सबसे पहले पुलिस वर्ग को चुना गया क्योंकि यह वर्ग सालोभर पूरे महीना सातो दिन चौबीसों घंटे बगैर अपनी स्वास्थ्य की परवाह करते हुए जनसेवा में लगा रहता है और अगर कुछ समस्या रहती भी है तो समयाभाव के कारण टालने की अक्सर कोशिश होती ।

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