Thursday, May 28, 2026

कोरोना वायरस को नष्ट कर सकते हैं नई तकनीक से बने ये फेस मास्क

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नई दिल्लीः कोरोना वायरस कोविड- 19 के खतरे को देखते हुए भारतीय वैज्ञानिक दिन-रात ऐसे उपाय खोजने में जुटे हैं, जिससे इस चुनौती से निपटने में मदद मिल सके। इसी कड़ी में गुजरात के भावनगर में स्थित केंद्रीय नमक व समुद्री रसायन अनुसंधान संस्थान (CSMCRI) के वैज्ञानिकों ने एक अनूठा फेस-मास्क विकसित किया है। इस फेस मास्क के संपर्क में आने पर वायरस नष्ट हो सकते हैं।

CSMCRI के वैज्ञानिकों ने बताया कि इस मास्क की बाहरी छिद्रयुक्त झिल्ली को संशोधित पॉलीसल्फोन मैटेरियल से बनाया गया है, जिसकी मोटाई 150 माइक्रोमीटर है। यह मैटेरियल 60 नैनोमीटर या उससे अधिक किसी भी वायरस को नष्ट कर सकता है। कोरोना वायरस का व्यास 80-120 नैनोमीटर के बीच है।

इस मास्क को चिकित्सीय मान्यता मिल जाती है, तो कोविड-19 के प्रकोप से जूझ रहे आम लोगों के साथ-साथ चिकित्सा सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों एवं डॉक्टरों को बीमारी के खतरे से बचाने में मदद मिल सकती है। इस मास्क की एक खासियत यह भी है कि इसे धोकर दोबारा उपयोग किया जा सकता है। दूसरे महंगे मास्कों की तुलना में यह काफी सस्ता है और इसकी लागत 50 रुपये से भी कम आती है।

वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) से संबद्ध CSMCRI के मेम्ब्रेन साइंस ऐंड सेप्रेशन टेक्नोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ वी.के. शाही ने बताया कि “इस तरह का मास्क विकसित करने का विचार अपने आप में काफी नया है। इसकी बाहरी परत वायरस, फंगल एवं बैक्टीरिया प्रतिरोधी है। इसका अर्थ है कि इसकी बाहरी परत के संपर्क में आने पर कोई भी रोगजनक सूक्ष्मजीव नष्ट हो सकता है। इस तरह देखें तो यह एन-95 मास्क से भी बेहतर साबित हो सकता है।”

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डॉ शाही के मुताबिक इस मास्क को बनाने में 25  से 45  रुपये तक लागत आती है, जो दूसरे मास्कों की तुलना में काफी कम है। संस्थान ने इस मास्क के पाँच संस्करण विकसित किए हैं, जिसमें अलग-अलग तरह की झिल्लियों का उपयोग किया गया है। इस मास्क को विकसित करने में करीब एक सप्ताह का समय लगा है और आगामी कुछ दिनों में इसके उपयोग को वैधानिक मंजूरी मिल सकती है।

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अभय पाण्डेय
अभय पाण्डेयhttp://www.newsstump.com
अभय पाण्डेय एक युवा और प्रतिभाशाली पत्रकार हैं। देश के कई प्रतिष्ठित समाचार चैनलों, अखबारों और पत्रिकाओं में बतौर संवाददाता अपनी सेवाएं दे चुके अभय ने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUST) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अभय ने वर्ष 2004 में PTN News के साथ अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की थी। अपनी बेहतरीन रिपोर्टिंग और जमीनी पकड़ के दम पर उनकी कई खबरें राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर चुकी हैं।

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