Tuesday, March 17, 2026

इंस्टा पर महिला ने की प्रेमी की आपत्तिजनक तस्वीरें पोस्ट, गिरफ्तारी पूर्व जमानत याचिका खारिज

-Advertise with US-

मुंबईः बॉम्बे हाईकोर्ट (HC) ने हाल ही में एक महिला की गिरफ्तारी पूर्व जमानत याचिका खारिज कर दी है। महिला  पर अपने पूर्व प्रेमी की अश्लील तस्वीरें इंस्टाग्राम पर पोस्ट करने और उसके बेटी के स्कूल पेज को टैग करने के लिए मामला दर्ज किया गया है।

महिला की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति भारती डांगरे की एकल पीठ को बताया गया कि महिला को गलत समझा गया और मामले में झूठा फंसाया गया। HC को यह भी आश्वासन दिया गया था कि चिकित्सा पेशे में होने के कारण महिला फरार नहीं होगी।

महिला 2010 से एक विवाहित पुरुष के साथ सहमति से संबंध में थी। लेकिन आगे चलकर दोनों के रिश्तों में खटास आ गई और पुरुष प्रेमी ने 2020 में इसे तोड़ने का फैसला किया। ब्रेकअप के बाद, महिला ने कथित तौर पर एक नकली इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया और प्रेमी की चुंबन की तस्वीरें पोस्ट कीं और उसे उसकी बेटी के स्कूल के साथ टैग कर दिया। उसने अपने प्रेमी की पत्नी को भी उसकी नग्न और आपत्तिजनक तस्वीरें ईमेल की।

मई में उसके खिलाफ शिकायत के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 448, 294-B, 500, 504, 506, 427, 509 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-C, 66-D, 67, 67-A के तहत मामला दर्ज किया गया था। निचली अदालत ने 3 अगस्त को उसकी पहली गिरफ्तारी-पूर्व जमानत याचिका खारिज कर दी थी, इसलिए उसने अपनी याचिका के साथ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

- Advertisement -

शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता शहजाद नकवी ने आवेदन का विरोध करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल की बेटी को स्कूल में अपमान का सामना करना पड़ा और बाद में उनका जीवन भी बर्बाद हो गया। पीठ को बताया गया कि उसके मुवक्किल के खिलाफ आपराधिक साजिश है, जिसकी जांच के लिए हिरासत में लेकर पूछताछ की जानी चाहिए और अगर महिला को सुरक्षा दी गई तो वह बेटी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगी।

पुलिस के लिए अतिरिक्त लोक अभियोजक स्वप्निल वाघ ने निचली अदालत की टिप्पणियों से सहमति जताई और आवेदन का भी विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि अगर महिला को गिरफ्तार करने की जरूरत पड़ी तो पुलिस उसे धारा 41-A के तहत नोटिस जारी कर दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC) के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन करेगी।

- Advertisement -

अदालत ने जांच अधिकारी की इस दलील पर अपना आदेश दिया कि महिला ने जांच में सहयोग नहीं किया और उसका कंप्यूटर और मोबाइल हैंडसेट अभी तक बरामद नहीं हुआ है।

- Advertisement -
News Stump
News Stumphttps://www.newsstump.com
With the system... Against the system

Related Articles

-Advertise with US-

लेटेस्ट न्यूज़

Intagram

108 Followers
Follow