31.1 C
New Delhi
Wednesday, June 23, 2021
Advertisement

कोरोना पर गंभीर देश की अदालतें, मद्रास और दिल्ली के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के तेवर सख्त

Advertisement

प्रयागराजः गहराते कोरोना संकट पर देश की अदालतें गंभीर हो गई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में ऑक्सीजन संकट पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यह शर्म की बात है कि आज़ादी के सात दशक बाद भी हम लोगों को आक्सीजन नहीं मुहैया करा पा रहे हैं। कोर्ट ने प्रदेश में कोरोना के बढते प्रकोप के मद्देनज़र राज्य सरकार को कई निर्देश दिए हैं।

दिन में दो बार हेल्थ बुलेटिन जारी करे सरकार

कोर्ट ने सरकार को दिन में दो बार हेल्थ बुलेटिन जारी करने का निर्देश दिया है। यह बुलेटिन लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, कानपुर नगर, गोरखपुर व झांसी में स्थित बड़े सरकारी अस्पतालों के सम्बंध में जारी में जारी किया जाए, ताकि लोगों को रोगियों के स्वास्थ्य की जानकारी मिल सके। कोर्ट ने अस्पतालों को लार्ज स्क्रीन का प्रयोग करने को कहा है ताकि लोग रोगियों का हाल जान सकें।

Advertisement

डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से अस्पताल की स्थिति सुनिश्चित करे सरकार

इसके अलावें कोर्ट ने सरकार को डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि कितने बेड आईसीयू व कोविड वार्ड में सरकारी या प्राइवेट अस्पतालों में हैं। यह आदेश जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा एवं जस्टिस अजित कुमार की खंडपीठ ने कोरोना मामले की सुओ मोटो संज्ञान वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।

Advertisement

कोर्ट ने कहा कि, केवल एंटीजेन की निगेटिव रिपोर्ट के आधार पर किसी रोगी को अस्पताल से छुट्टी नहीं दी जा सकती, क्योंकि रोगी अन्य कारणों से भी संक्रमित हो सकता है। ऐसे में उसे एक सप्ताह के लिए नान कोविड वार्ड में शिफ्ट किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि, सभी सरकारी व कोविड का इलाज कर रहे प्राइवेट अस्पतालों में रेमडेसिविर इन्जेक्शन व अन्य जरूरी दवाएं तथा आक्सीजन निर्बाध रूप से मिलती रहनी चाहिए।

कोर्ट ने सरकार को अनुबंध के आधार पर डॉक्टर व अन्य मेडिकल स्टाफ की समुचित व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट ने आदेश में कहा कि लाइफ सेविंग सिस्टम के साथ एम्बुलेंस की संख्या में तत्काल बढ़ोतरी की जाए। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि कोविड से हुई प्रत्येक मौत की जानकारी जिला जज द्वारा नामित ज्यूडिशियल अधिकारी को दी जाए। शव का दाह संस्कार सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक किया जाए। हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई अब तीन मई को करेगा।

मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को लगई फटकार

इससे पहले पहले मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को फटकार लगाई थी। मद्रास हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान कहा था कि कोरोना की दूसरी लहर के लिए पूरी तरह से चुनाव आयोग जिम्मेदार है। चुनाव आयोग ने किसी भी तरह की चुनाव आयोग ने किसी भी तरह की चुनावी सभा पर रोक नहीं लगाई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग एक जगह इकट्ठे होते रहे।

फटकार लगाने के साथ ही हाईकोर्ट ने चुनाव हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि 2 मई को गिनती के लिए पूरा प्लान तैयार किया जाए. अगर इस दिन किसी तरह की चूक होती है, तो अदालत काउंटिंग पर रोग लगा देगी। दिल्ली हाई कोर्ट भी गहराते कोरोना संकट को लेकर केजरीवाल सरकार को फटकार लगा चुकी है।

अभय पाण्डेय
आप एक युवा पत्रकार हैं। देश के कई प्रतिष्ठित समाचार चैनलों, अखबारों और पत्रिकाओं को बतौर संवाददाता अपनी सेवाएं दे चुके अभय ने वर्ष 2004 में PTN News के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। इनकी कई ख़बरों ने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लेटेस्ट अपडेट

error: Content is protected !!