हेल्थ स्टंपः गर्मी का मौसम अपने साथ कई स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां लेकर आता है, जिनमें गुर्दे की पथरी (Kedney Stone) एक प्रमुख समस्या के रूप में सामने आती है। तापमान बढ़ने के कारण शरीर से अधिक पसीना निकलता है, जिससे शरीर में पानी की कमी (Dehydration) होने लगती है। यही स्थिति किडनी स्टोन बनने के जोखिम को काफी हद तक बढ़ा देती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में पथरी के मामलों में स्पष्ट रूप से वृद्धि देखी जाती है।
किडनी स्टोन बनने का कारण
किडनी स्टोन बनने का मुख्य कारण शरीर में पानी की कमी होना है। जब हम पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते, तो पेशाब कम बनने लगता है और उसमें मौजूद खनिज जैसे कैल्शियम, ऑक्सलेट और यूरिक एसिड सघन हो जाते हैं। समय के साथ ये खनिज छोटे-छोटे क्रिस्टल बनाते हैं, जो आगे चलकर पथरी का रूप ले लेते हैं। यही कारण है कि गर्मियों में हाइड्रेशन बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है।
बचाव के प्रभावी उपाय
जाने-माने यूरोलॉजिस्ट डॉ. गौरव मिश्रा (Urologist Dr. Gaurav Mishra) के अनुसार, कुछ आसान उपाय अपनाकर किडनी स्टोन के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सबसे महत्वपूर्ण है रोजाना 3 से 4 लीटर पानी पीना, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो और यूरिन के माध्यम से हानिकारक तत्व बाहर निकलते रहें। इसके अलावा, खानपान पर विशेष ध्यान देना भी जरूरी है। अधिक नमक, नॉन-वेज और तले-भुने खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना चाहिए, क्योंकि ये पथरी बनने के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
खानपान और जीवनशैली में बदलाव
इसके साथ ही, तरबूज, खीरा, नींबू पानी और हरी सब्जियों का सेवन बढ़ाना चाहिए, क्योंकि ये शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ हाइड्रेट भी करते हैं। जब भी धूप में बाहर निकलें, अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें और पसीने के अनुसार अतिरिक्त पानी पीते रहें, ताकि शरीर में तरल संतुलन बना रहे।
लक्षण जिन्हें नजरअंदाज न करें
किडनी स्टोन के कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जैसे पेट या कमर में तेज दर्द, पेशाब में खून आना, बार-बार उल्टी होना या बुखार आना। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है, क्योंकि समय पर इलाज न मिलने पर समस्या गंभीर हो सकती है।
अंततः, यह कहा जा सकता है कि गर्मियों में थोड़ी सी सावधानी और सही जीवनशैली अपनाकर किडनी स्टोन जैसी समस्या से बचा जा सकता है। नियमित रूप से पानी पीना, संतुलित आहार लेना और शरीर के संकेतों को समझना ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है।
