पटनाः भारतीय जनता पार्टी ने तमाम अंदरूनी विरोध और राजनीतिक चर्चाओं के बीच आखिरकार भोजपुरी फिल्मों के चर्चित अभिनेता और “पावर स्टार” के नाम से मशहूर पवन सिंह (Pawan Singh) को बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिया है। पार्टी के केंद्रीय कार्यालय से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में उनके नाम पर मुहर लगने के बाद बिहार की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है।
दिल्ली मुख्यालय से जारी हुआ पत्र
नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय से 5 जून 2026 को जारी पत्र में बिहार विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए चार उम्मीदवारों की सूची जारी की गई। सूची में पवन सिंह के अलावा संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित के नाम शामिल हैं।
पार्टी की ओर से जारी इस सूची को केंद्रीय नेतृत्व की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद अब इसे बिहार की राजनीति में भाजपा के बड़े राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
विरोध के बावजूद पार्टी का बड़ा दांव
राजनीतिक गलियारों में पिछले कुछ समय से पवन सिंह की उम्मीदवारी को लेकर तीखी चर्चाएं चल रही थीं। पार्टी के एक वर्ग का मानना था कि मनोरंजन जगत से आने वाले चेहरे को विधान परिषद भेजना संगठन के पुराने कार्यकर्ताओं के साथ न्याय नहीं होगा। वहीं समर्थकों का तर्क था कि भोजपुरी क्षेत्र में पवन सिंह की लोकप्रियता भाजपा को राजनीतिक रूप से बड़ा फायदा पहुंचा सकती है।
भोजपुरी वोट बैंक पर नजर
भोजपुरी सिनेमा में अपनी दमदार पहचान बना चुके Pawan Singh की पूर्वांचल और बिहार के युवा मतदाताओं के बीच अच्छी पकड़ मानी जाती है। भाजपा अब उनकी लोकप्रियता को राजनीतिक समर्थन में बदलने की रणनीति पर काम करती दिखाई दे रही है। खासकर ऐसे समय में जब बिहार में जातीय और क्षेत्रीय समीकरण लगातार बदल रहे हैं, पार्टी का यह दांव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आगे क्या असर पड़ेगा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह फैसला सिर्फ सांस्कृतिक लोकप्रियता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भोजपुरी भाषी मतदाताओं को साधने की व्यापक रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पवन सिंह की राजनीतिक पारी पार्टी के लिए कितना असर छोड़ती है।
