14.1 C
New Delhi
Sunday, January 23, 2022

महंगाई से मिली राहत, पेट्रोल-डीजल के बाद खाद्य तेलों की कीमतों में गिरावट का रूझान

नई दिल्लीः देश में कमर तोड़ महंगाई से परेशान लोगों के हित में केंद्र सरकार लगातार बड़े फैसले ले रही है। सरकार ने पहले पेट्रोल-डीजल के दाम घटाकर लोगों को राहत दी और अब खाद्य तेलों की कीमतों में कमी करने को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पिछले एक साल से खाद्य तेलों की कीमतों में लगातार वृद्धि को नियंत्रित करने के उद्देश्य से कच्चे पाम तेल, कच्चे सोयाबीन के तेल और कच्चे सूरजमुखी के तेल पर बेसिक ड्यूटी को 2.5 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया है। इन तेलों पर कृषि उपकर को कच्चे पाम तेल के लिए 20 प्रतिशत से घटाकर 7.5 प्रतिशत और कच्चे सोयाबीन तेल एवं कच्चे सूरजमुखी तेल के लिए घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।

Advertisement

उपरोक्त कटौती के परिणामस्वरूप, कच्चे पाम तेल के लिए कुल शुल्क 7.5 प्रतिशत और कच्चे सोयाबीन के तेल एवं कच्चे सूरजमुखी के तेल के लिए 5 प्रतिशत है। आरबीडी पामोलिन तेल, रिफाइंड सोयाबीन और रिफाइंड सूरजमुखी के तेल पर बेसिक ड्यूटी मौजूदा 32.5 प्रतिशत से घटाकर 17.5 प्रतिशत कर दी गई है।

Advertisement

कटौती से पहले, कच्चे खाद्य तेलों के सभी किस्मों पर कृषि अवसंरचना उपकर 20 प्रतिशत था। कटौती के बाद कच्चे पाम तेल पर 8.25 प्रतिशत,कच्चे सोयाबीन के तेल एवं कच्चे सूरजमुखी के तेल में से प्रत्येक पर 5.5 प्रतिशत का प्रभावी शुल्क होगा।

Advertisement

खाद्य तेलों की कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से सरकार ने पाम तेल, सूरजमुखी के तेल और सोयाबीन के तेल पर आयात शुल्क को तर्कसंगत बनाया है। एनसीडीईएक्स पर सरसों के तेल में वायदा कारोबार को निलंबित कर दिया गया है और भंडारण (स्टॉक) की सीमा लागू कर दी गई है।

अडानी विलमर और रुचि इंडस्ट्रीज सहित प्रमुख खाद्य तेल कंपनियों ने थोक कीमतों में 4 -7 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। कीमतों में यह कटौती त्योहारों के मौसम में उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से की गई है। जिन अन्य कंपनियों ने खाद्य तेलों के थोक मूल्यों में कमी की है, उनमें जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स इंडिया, हैदराबाद; मोदी नेचुरल्स, दिल्ली; गोकुल री-फॉयल्स एंड सॉल्वेंट, विजय सॉल्वेक्स, गोकुल एग्रो रिसोर्सेज और एन.के. प्रोटीन्स प्रमुख हैं।अंतर्राष्‍ट्रीय जिन्सों की कीमतें अधिक होने के बावजूद,केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों की सक्रिय भागीदारी के साथ किए गए उपायों के कारण खाद्य तेलों की कीमतों में कमी आई है।

खाद्य तेल की कीमतें एक साल पहले की अवधि की तुलना में अधिक हैं, लेकिन अक्टूबर के बाद से इसमें गिरावट का रूझान है। सरकार आयात पर निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से द्वितीयक खाद्य तेलों, विशेष रूप से चावल की भूसी के तेल के उत्पादन में सुधार लाने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।

पाम तेल में गिरावट

  • दिल्ली – 6 रुपये
  • अलीगढ़ -18 रुपये
  • जोवई, मेघालय- 10 रुपये
  • डिंडीगुल, तमिलनाडु – 5 रुपये
  • कुड्डालोर, तमिलनाडु – 7 रुपये

मूंगफली के तेल में गिरावट

  • दिल्ली – 7 रुपये
  • सागर, मध्य प्रदेश – 10 रुपये
  • जोवई, मेघालय- 10 रुपये
  • कुड्डालोर, तमिलनाडु – 10 रुपये
  • करीमनगर, तेलंगाना- 5 रुपये
  • अलीगढ़, उत्तर प्रदेश- 5 रुपये

सोयाबीन के तेल में गिरावट

  • दिल्ली – 5 रुपये
  • लुधियाना, पंजाब – 5 रुपये
  • अलीगढ़, उत्तर प्रदेश – 5 रुपये
  • दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 11 रुपये
  • सागर, मध्य प्रदेश – 7 रुपये
  • नागपुर, महाराष्ट्र – 7 रुपये
  • जोवई, मेघालय- 5 रुपये

सूरजमुखी के तेल में गिरावट

  • दिल्ली – 10 रुपये
  • राउरकेला, उड़ीसा – 5 रुपये
  • जोवई, मेघालय- 20 रुपये
News Stumphttps://www.newsstump.com
With the system... Against the system

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लेटेस्ट अपडेट

error: Content is protected !!