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Friday, February 26, 2021

छावनी बोर्डों ने की कोरोना वायरस कोविड-19 से ​निबटने की तैयारी

नई दिल्लीः देश के 19 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में स्थित 62 छावनी बोर्डों ने कोरोना वायरस कोविड- 19 महामारी की चुनौती से निबटने की तैयारी शुरू कर दी है। इन छावनी बोर्डों की कुल आबादी 21 लाख है। सभी छावनी बोर्डों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी आपात स्थिति से निबटने के लिए पहले से ही अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और गेस्ट हाउसों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की पहचान करके रखें।

छावनी बोर्डों के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नागरिक प्रशासन के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं और आवश्यकता के अनुरूप सहायता प्रदान कर रहे हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी सभी परामर्शों का छावनी बोर्डों द्वारा कड़ाई से पालन किया जा रहा है।

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सभी छावनी कार्यालयों के भवनों, आवासीय क्षेत्रों, स्कूल परिसर, पुस्तकालयों, पार्कों और बाजारों को नियमित रूप से संक्रमण मुक्त किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों को लाउड स्पीकरों से की जाने वाली सार्वजनिक घोषणाओं तथा  छावनी के सभी प्रमुख स्थानों, कार्यालयों और बाजारों में लगाए गए नोटिस बोर्डों,  होर्डिंग्स और पर्चों के माध्यम से कोविड-19 के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

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स्थानीय चिकित्सा अधिकारी आवश्यक सेवाओं में लगे सभी कर्मचारियों के लिए कार्यशालाओं का आयोजन कर रहे हैं और उन्हें कोविड से बचाव के तरीके  बता रहे हैं और साथ ही किसी भी आपात स्थिति से ​निबटने के लिए छावनी के अस्पतालों को तैयार भी कर रहे हैं।

महानिदेशक रक्षा संपदा (DGDE) के निर्देश के अनुरूप कार्य योजनाएं तैयार की गई हैं। सभी छावनी अस्पताल आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। छावनी बोर्ड अपने समस्त कर्मचारियों को फेस मास्क, हैंड ग्लव्स और सैनिटाइजर मुहैया करा रहे हैं। छावनी क्षेत्रों के सभी होटलों और रेस्तरां को जारी किए गए परामर्शों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।

छावनी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, विशेष रूप से गरीब वर्ग के लिए आवश्यक वस्तुओं, खाद्य पदार्थों इत्यादि की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कार्यालय के कर्मचारियों की एक टास्क फोर्स बनायी गयी है। सभी किराने की दुकानों को कालाबाजारी से बचने, सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ नहीं लगाने तथा लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी गई है। छावनी बोर्ड निरंतर और निर्बाध जल आपूर्ति व्यवस्था के साथ ही स्ट्रीट लाइट सेवाओं को भी सुनिश्चित कर रहे हैं। अधिकांश छावनियों में निवासियों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।

बता दें छावनी क्षेत्रों का समग्र नगरपालिका प्रशासन छावनी बोर्डों के अंतर्गत आता है जो लोकतांत्रिक निकाय है। छावनी  बोर्डों की इस अनूठी संरचना को सफलतापूर्वक यथावत बनाए रखा जा रहा है। छावनी क्षेत्र मुख्य रूप से सैनिकों और उनके प्रतिष्ठानों को समायोजित करने के लिए बनाए गए थे। लेकिन छावनी क्षेत्र सैन्य स्टेशनों से भिन्न होते हैं। सैन्य स्टेशन विशुद्ध रूप से सशस्त्र बलों के उपयोग और आवास के लिए होते हैं और एक कार्यकारी आदेश के तहत स्थापित किए जाते हैं जबकि छावनी क्षेत्र ऐसे आवासीय क्षेत्र होते हैं जिनमें सैनिकों के साथ ही आम नागरिक भी रहते हैं।

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अभय पाण्डेय
आप एक युवा पत्रकार हैं। देश के कई प्रतिष्ठित समाचार चैनलों, अखबारों और पत्रिकाओं को बतौर संवाददाता अपनी सेवाएं दे चुके अभय ने वर्ष 2004 में PTN News के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। इनकी कई ख़बरों ने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी हैं।

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