रोहतासः जिला मुख्यालय सासाराम के समीप स्थित गायघाट गाँव में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर एक प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर “Let’s Inspire Bihar” के संदेशों को साझा करते हुए अभियान के संरक्षक वरिष्ठ IPS विकास वैभव ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया और बिहार में शिक्षा एवं उद्यमिता के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की आवश्यकता पर बल दिया।
सामाजिक समरसता एवं विकास का आह्वान
कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि समाज को जाति, संप्रदाय, लिंगभेद एवं वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर एक साझा विकास लक्ष्य की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने आह्वान किया कि “विकसित भारत 2047” के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षित और कौशलयुक्त बनाने की दिशा में सकारात्मक प्रयास किए जाएं।
बाबा साहेब के विचारों से प्रेरणा
विकास वैभव ने बाबा साहेब को नमन करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर एक सामान्य पृष्ठभूमि से आने के बावजूद शिक्षा के बल पर विश्वविख्यात व्यक्तित्व बने। उन्होंने उनके प्रसिद्ध विचार-“शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पिएगा वही दहाड़ेगा”-का उल्लेख करते हुए शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया।
शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो साधारण व्यक्ति को असाधारण बना सकती है। इस क्रम में उन्होंने विदुषी नूतन कुमारी के प्रयासों की सराहना की, जिनके द्वारा अमरातालाब स्थित “गार्गी पाठशाला” में 200 से अधिक आर्थिक रूप से वंचित विद्यार्थियों को शिक्षा का लाभ मिल रहा है।
स्थानीय प्रयासों की सराहना एवं समापन
कार्यक्रम के संचालक संजय कुमार बिंद तथा अंबेडकर सर्व शिक्षा विकास समिति के सभी सदस्यों के शिक्षा प्रसार हेतु किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की गई। अंत में उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र में शिक्षा और जागरूकता के प्रसार के लिए सामूहिक प्रयासों को और मजबूत करने का आह्वान किया।
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