कोरोना संक्रमित के बोलने से भी समीप खड़े व्यक्ति में हो सकता है संक्रमण!

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पटनाः पहल के चिकित्सा निदेशक एवं वरिष्ठ फिजीशियन डॉक्टर दिवाकर तेजस्वी ने कोरोना संक्रमण से जुड़ी खास जानकरियां साझा की हैं। दिवाकर तेजस्वी ने बताया है कि कोरोना वायरस का संक्रमण मुख्यत छींकने, खांसने और दी जैसे शब्द को बोलने से सर्वाधिक होता हैं।

डॉक्टर तेजस्वी ने एक शोध का हवाला देते हुए कहा है कि कोरोना वायरस का संक्रमण छींकने के क्रम में करीब 25 हजार छोटी बुंदें (Droplet Nuclei), खांसने वक्त करीब 4-5 हजार और 3 बार स्टे हेल्दी (Stay Healthy) – “दी” बोलने के क्रम में 112 से 6700 छोटी बुंदें (Droplet Nuclei) हवा में फैल सकती हैं। इनके द्वारा बिना किसी लक्षण (Asymptomatic) के भी कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति केवल बोलने के क्रम में नजदीक खड़े किसी स्वस्थ व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है।

डॉक्टर दिवाकर तेजस्वी के मुताबिक एहतियात के तौर पर यह जरूरी है कि दो व्यक्तियों के बीच कम से कम 6 फिट की दूरी का ख़याल रखा जाये, ऐसा करने से संक्रमण की संभावनाएं क्षीण हो जाती हैं। ऐसा देखा गया है कि यदि सभी व्यक्ति मास्क का प्रयोग करते हैं, तो एक व्यक्ति से दूसरे में होने वाले संक्रमण को रोका जा सकता है।

बिहार में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए डॉक्टर तेजस्वी ने सबों से अपील की है कि लोग घरों के अंदर रहें। घर हो या बाहर, हर जगह सास्क का प्रयोग करें। एक दूसरे से कम से कम 6 फिट की दूरी बनाए रखें और साबुन-पानी या सैनेटाइजर से बार-बार हाथ को साफ करते रहें।

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