Tuesday, September 29, 2026

Maruti नंबर-1, Tata-Mahindra का दबदबा! Hyundai चौथे नंबर पर, 2026 में बदल गया कार बाजार का पूरा खेल

जनवरी से अगस्त तक 35 लाख से ज्यादा गाड़ियों की बिक्री, Tata और Mahindra की Hyundai पर बढ़त; दूसरे नंबर के लिए दोनों कंपनियों में महज 28,923 गाड़ियों का अंतर

-Advertise with US-

नई दिल्लीः भारतीय कार बाजार में 2026 के पहले आठ महीनों के दौरान कंपनियों की बिक्री के आंकड़ों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जनवरी से अगस्त 2026 के बीच कार बिक्री के उपलब्ध आंकड़ों में Maruti Suzuki India सबसे आगे रही, जबकि Tata Motors और Mahindra & Mahindra ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए Hyundai Motor India को पीछे छोड़ दिया।

आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से अगस्त के बीच देश में कुल करीब 35 लाख गाड़ियों की बिक्री हुई। इनमें अकेले Maruti Suzuki की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत बताई गई है। कंपनी ने इस अवधि में 14,00,150 वाहन बेचे।

Maruti Suzuki नंबर-1, Tata दूसरे स्थान पर

जनवरी से अगस्त 2026 के आंकड़ों में Maruti Suzuki सबसे आगे रही। कंपनी की कुल बिक्री 14.00 लाख से अधिक रही। इसके बाद Tata Motors ने 5,06,773 गाड़ियों की बिक्री के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।

Tata Motors के प्रदर्शन में उसके SUV पोर्टफोलियो और इलेक्ट्रिक वाहनों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। कंपनी की Nexon, Punch, Harrier और अन्य मॉडलों के साथ EV सेगमेंट में भी मजबूत मौजूदगी है। हालांकि, बिक्री के साथ-साथ कंपनी के सामने सर्विस और आफ्टर-सेल्स से जुड़ी ग्राहक शिकायतों को दूर करने की चुनौती भी बनी हुई है।

- Advertisement -

Mahindra तीसरे नंबर पर, Tata से ज्यादा दूर नहीं

Mahindra ने जनवरी से अगस्त 2026 के बीच 4,77,850 गाड़ियां बेचीं। इस तरह कंपनी तीसरे स्थान पर रही। खास तौर पर SUV सेगमेंट में Mahindra की मजबूत मांग ने उसकी बिक्री को बढ़ावा दिया है।

Tata Motors और Mahindra के बीच इस अवधि में बिक्री का अंतर महज 28,923 वाहनों का रहा। ऐसे में दोनों कंपनियों के बीच मुकाबला काफी करीब दिखाई देता है।

- Advertisement -

Mahindra के प्रमुख मॉडलों में Scorpio, XUV700, Thar और अन्य SUV की मांग कंपनी के प्रदर्शन में अहम भूमिका निभा रही है। हालांकि, कुछ मॉडलों की लंबी वेटिंग अवधि और सर्विस से जुड़े अनुभव कंपनी के लिए चुनौती बने हुए हैं।

Hyundai चौथे स्थान पर पहुंची

कभी भारतीय कार बाजार में शीर्ष कंपनियों में शामिल रहने वाली Hyundai इस आंकड़े में चौथे स्थान पर रही। कंपनी ने जनवरी से अगस्त के बीच 4,14,558 गाड़ियों की बिक्री दर्ज की।

इसे भी पढ़ें- Ethanol Blended Petrol: जानिए E10, E20, E25, E30, E85, E100 और Flex Fuel का पूरा गणित

Hyundai के पास देशभर में मजबूत डीलर और सर्विस नेटवर्क के साथ कई लोकप्रिय मॉडल मौजूद हैं। बावजूद इसके, Tata और Mahindra की बढ़ती SUV लोकप्रियता ने बाजार में प्रतिस्पर्धा को और तेज किया है। Hyundai के लिए आने वाले महीनों में SUV और नए मॉडल लाइनअप के जरिए अपनी स्थिति मजबूत करना महत्वपूर्ण होगा।

Toyota पांचवें और Kia छठे स्थान पर

Toyota ने इस अवधि में 2,44,635 गाड़ियों की बिक्री के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। कंपनी की मजबूत ब्रांड विश्वसनीयता, हाइब्रिड तकनीक और SUV सेगमेंट में मौजूदगी इसकी बिक्री के प्रमुख आधारों में शामिल हैं।

वहीं Kia ने जनवरी से अगस्त के बीच 2,20,991 गाड़ियां बेचीं और छठे स्थान पर रही। Kia के लिए Seltos, Sonet और अन्य SUV मॉडल भारतीय बाजार में महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

MG और Skoda भी शीर्ष 10 में

MG Motor ने इस अवधि में 51,628 वाहन बेचकर सातवां स्थान हासिल किया। कंपनी की बिक्री में SUV और इलेक्ट्रिक वाहनों की भूमिका रही है।

इसके बाद Skoda ने 50,254 गाड़ियों की बिक्री के साथ आठवां स्थान हासिल किया। Skoda और MG के बीच अंतर करीब 1,374 वाहनों का रहा।

Honda 45,229 गाड़ियों की बिक्री के साथ नौवें स्थान पर रही। इसके बाद Renault ने 31,980 गाड़ियों की बिक्री दर्ज की।

Nissan, Volkswagen और Citroën की बिक्री

आंकड़ों में Nissan 26,241 गाड़ियों के साथ 11वें स्थान पर रही। Volkswagen ने 21,343 वाहन बेचे और 12वें स्थान पर रही। Citroën की जनवरी-अगस्त बिक्री 6,784 गाड़ियां रही। वहीं Jeep ने इस अवधि में 1,924 वाहन बेचे।

2026 में बदलता दिख रहा है भारतीय कार बाजार

जनवरी से अगस्त 2026 के बिक्री आंकड़े यह संकेत देते हैं कि भारतीय कार बाजार में पारंपरिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। Maruti Suzuki अभी भी सबसे बड़े खिलाड़ी के रूप में आगे है, लेकिन उसके पीछे Tata Motors और Mahindra के बीच मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है।

खास बात यह है कि Tata Motors और Mahindra ने इस अवधि में Hyundai को पीछे छोड़ते हुए क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर जगह बनाई है। दोनों कंपनियों के बीच सिर्फ 28,923 गाड़ियों का अंतर है। ऐसे में आने वाले महीनों की बिक्री यह तय करने में महत्वपूर्ण होगी कि साल के अंत तक इन कंपनियों की स्थिति किस तरह रहती है।

भारतीय ग्राहक की SUV, सुरक्षा, फीचर्स और इलेक्ट्रिक वाहनों में बढ़ती रुचि ने कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा को और तेज कर दिया है। यही वजह है कि 2026 का कार बाजार केवल बिक्री के आंकड़ों के लिहाज से ही नहीं, बल्कि बदलती ग्राहक पसंद के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसे भी पढ़ें- Anti-rust coating कार के लिए क्यों है जरूरी, जानिए इसके फायदे और सही समय

- Advertisement -

Related Articles

-Advertise with US-

लेटेस्ट न्यूज़

Intagram

108 Followers
Follow