नई दिल्लीः केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को ‘भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य)’ के तहत भव्य पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल देश में औद्योगिक विकास को डिजिटल, पारदर्शी और निवेशक-हितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से भारत को वैश्विक विनिर्माण और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
100 औद्योगिक पार्कों का लक्ष्य
सरकार ने इस योजना के तहत देशभर में 100 विश्वस्तरीय औद्योगिक पार्क विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इन पार्कों पर लगभग 33,660 से 34,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। ये पार्क अलग-अलग भौगोलिक और आर्थिक जरूरतों के अनुसार विकसित किए जाएंगे-जैसे पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में छोटे पार्क, मध्यम राज्यों में मध्यम आकार के और बड़े शहरी क्षेत्रों के आसपास विशाल औद्योगिक केंद्र।
प्रतिस्पर्धी मॉडल पर आधारित योजना
भव्य योजना को प्रतिस्पर्धी मॉडल पर तैयार किया गया है। इसके तहत राज्य सरकारें अपनी औद्योगिक क्षमता, भूमि उपलब्धता, निवेश संभावनाओं और बुनियादी ढांचे के आधार पर विस्तृत परियोजना प्रस्ताव (DPR) प्रस्तुत करेंगी। केंद्र और राज्य मिलकर उन क्षेत्रों की पहचान करेंगे जहां विभिन्न उद्योगों-जैसे रसायन, विनिर्माण, डेटा सेंटर और स्टार्टअप-की स्थापना सबसे उपयुक्त होगी।
आधुनिक और एकीकृत औद्योगिक ढांचा
इन औद्योगिक पार्कों में प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर काम किया जाएगा, जिससे निवेशकों को तैयार भूमि, बिजली, पानी, सड़क, रेल और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं तुरंत उपलब्ध होंगी। साथ ही, एकल-खिड़की डिजिटल मंजूरी प्रणाली के जरिए अनुमति प्रक्रिया को तेज और सरल बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य उद्योगों को जल्दी संचालन शुरू करने में सहायता देना है।
रोजगार और निवेश को बढ़ावा
सरकार का मानना है कि यह योजना देश में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन करेगी। साथ ही घरेलू और विदेशी निवेश को भी आकर्षित करेगी। शुरुआती चरण में 20 औद्योगिक पार्कों के लिए प्रस्तावों पर तेजी से काम किया जाएगा, जिसके बाद आगे और चरणों में विस्तार किया जाएगा।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और निगरानी व्यवस्था
इस पूरी योजना के संचालन और निगरानी के लिए राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (NICDC) को नोडल एजेंसी बनाया गया है। भव्य पोर्टल एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा, जहां परियोजना प्रस्तावों की प्रस्तुति, मूल्यांकन, अनुमोदन और निगरानी पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से होगी।
आधुनिक सुविधाओं पर विशेष जोर
सरकार इन पार्कों में आधुनिक परीक्षण सुविधाएं, अनुसंधान एवं विकास केंद्र, श्रमिक आवास और सामाजिक बुनियादी ढांचे को भी शामिल करने की योजना बना रही है। इसके अलावा वैश्विक क्षमता केंद्रों (GCC) और स्टार्टअप्स के लिए अलग जोन विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि नवाचार और तकनीक आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिल सके।
भारत के औद्योगिक भविष्य की दिशा
पीयूष गोयल ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का लक्ष्य भारत को शीर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना और औद्योगिक विकास की गति को तेज करना है।
भव्य पोर्टल और 100 औद्योगिक पार्कों की यह योजना भारत में निवेश माहौल को मजबूत करने, रोजगार बढ़ाने और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने की एक बड़ी पहल मानी जा रही है।
