33.1 C
New Delhi
Saturday, July 24, 2021

अपने ही बुझा रहे बंगले का चिराग, चाचा समेत LJP के पांच सांसदों ने पकड़ी अलग राह

नई दिल्लीः राजनीति में कोई सगा नहीं होता, मौकापरस्ती इसका सबसे बड़ा चरित्र है। मामला लोकजनशक्ति पार्टी (LJP) से जुड़ा है। सूत्रों के हवाले से ख़बर है कि पार्टी दो धड़े में बंट गई है और लगभग टूट के कागार पर है। एक धड़ा जिसमें चिराग पासवान अकेले हैं, तो दूसरे में चाचा पशुपति पारस पार्टी के दिग्गज सांसदों के साथ। खुद को लेकर अन्य चार सांसदों के साथ पशुपति पारस लोक जनशक्ति पार्टी के संसदीय दल के नेता बनाए गए हैं।

सांसदों ने लिखा लोकसभा स्पीकर को पत्र, मांगी LJP से अलग मान्यता

सभी पांच सासंदों ने इसकी सूचना लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को पत्र लिखकर दे दी है। सूत्र का कहना है कि चिराग से अलग हुए इन पांच सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मांग की है कि उन्हें एलजेपी से अलग मान्यता दी जाए।

Advertisement

चचेरे भाई प्रिंस राज ने भी छोड़ा चिराग पासवान का साथ

चिराग से किनारा कर पशुपति पारस का साथ देने वाले संसदों में चिराग के चाचा पशुपति पारस, चचेरे भाई प्रिंस राज, पूर्व सांसद सुरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी, सांसद महबूब अली कैशर और चंदन सिंह का नाम शामिल हैं। इनके अलग होने के बाद चिराग पासवान लगभग अकेले पड़ गए हैं।

Advertisement

LJP छोड़ JDU ज्वॉइन कर सकते हैं पांचो सांसद

ख़बर है कि इसके पिछे जदयू का मास्टर प्लान (Master plan of JDU) काम कर रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि ये पांचो सांसद JDU ज्वॉइन कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी सांसद बिहार विधानसभा चुनाव के वक्त से ही चिराग पासवान से नाराज चल रहे हैं। चुनाव के वक्त से ही ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि किसी भी वक्त ये लोग LJP से अलग होने का फैसला ले सकते हैं, जो अब लगभग साफ हो चुका है और LJP के सामने बड़ा सियासी संकट खड़ा हो गया है।

बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान ने JDU के खिलाफ उतारे थे LJP के उम्मीदवार

दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव में LJP ने BJP-JDU से अलग होकर चुनाव लड़ा था। LJP की जह से ही कई जगहों पर जेडीयू की सीटें कम पड़ गई, जबकि LJP उस चुनाव में महज एक सीट ही जीत पाई थी। सिटों में आई कमी की वजह से सीएम नीतीश कुमार और उनके पार्टी के लोग चिराग से नाराज चल रहे थे। ऐसे में

केंद्र सरकार बना रही केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार की योजना

बता दें, चिराग पासवान के लिए परेशानी का सबब बनने वाली यह स्थिति तब सामने आई है, जब केंद्र सरकार अपने केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार की योजना बना रही है।

अभय पाण्डेय
आप एक युवा पत्रकार हैं। देश के कई प्रतिष्ठित समाचार चैनलों, अखबारों और पत्रिकाओं को बतौर संवाददाता अपनी सेवाएं दे चुके अभय ने वर्ष 2004 में PTN News के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। इनकी कई ख़बरों ने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लेटेस्ट अपडेट

error: Content is protected !!