Friday, May 22, 2026

“जाति पूछकर गोली मारो”: सीएम सम्राट की टिप्पणी पर बिहार में सियासी बवाल

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पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एक बयान को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष उनके “जाति पूछकर गोली मारो” वाले कथित बयान को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है, जबकि भाजपा और एनडीए नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री के बयान को संदर्भ से अलग करके पेश किया जा रहा है।

सम्राट चौधरी  नें क्यों कहा ऐसा?

दरअसल, हाल के दिनों में बिहार में अपराध और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है। विपक्ष, खासकर राजद नेता तेजस्वी यादव, राज्य सरकार और पुलिस पर “जातीय आधार पर कार्रवाई” करने का आरोप लगा रहे हैं। इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा था कि यदि विपक्ष को लगता है कि पुलिस जाति देखकर कार्रवाई कर रही है, तो क्या अब अपराधियों पर कार्रवाई करने से पहले उनकी जाति पूछी जाए?

भाजपा का क्या कहना है?

भाजपा नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री का यह बयान विपक्ष के आरोपों पर राजनीतिक कटाक्ष था। उनके अनुसार, सम्राट चौधरी का आशय यह था कि कानून-व्यवस्था के मामलों में अपराध देखा जाता है, जाति नहीं। भाजपा का दावा है कि विपक्ष बयान के एक हिस्से को अलग ढंग से प्रचारित कर राजनीतिक विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रहा है।

विपक्ष क्यों कर रहा है विरोध?

वहीं विपक्ष इस बयान को लेकर सरकार पर हमलावर है। विपक्षी दलों का कहना है कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। राजद नेताओं ने इसे सामाजिक सौहार्द से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की है।

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सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’ दावा

इधर, राज्य सरकार लगातार यह कह रही है कि बिहार में अपराध के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पिछले कुछ समय से कई मंचों पर अपराधियों और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात करते रहे हैं। गया में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि “अपराधियों का पिंडदान शुरू हो चुका है” और प्रशासन को कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए थे।

अपराध और राजनीति के बीच बढ़ती बहस

सरकार समर्थकों का दावा है कि हाल के महीनों में अपराधियों के खिलाफ हुई कार्रवाई के कारण राज्य में कानून का डर बढ़ा है। वहीं विपक्ष का आरोप है कि सरकार कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रही है।

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राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सोशल मीडिया के दौर में किसी भी बयान का छोटा हिस्सा तेजी से वायरल हो जाता है, जिससे कई बार पूरे बयान का संदर्भ पीछे छूट जाता है। सम्राट चौधरी के बयान को लेकर भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। एक पक्ष इसे विपक्ष के आरोपों पर व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे आपत्तिजनक भाषा मान रहा है।

आगे और तेज हो सकती है सियासत

बिहार में आगामी राजनीतिक माहौल को देखते हुए कानून-व्यवस्था और अपराध का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस के केंद्र में बना हुआ है। ऐसे में मुख्यमंत्री के बयान पर शुरू हुआ विवाद आने वाले दिनों में और राजनीतिक रूप ले सकता है।

Read also: जेल की जंजीरों से बिहार के सिंहासन तक: सम्राट चौधरी का लालू पर सीधा हमला

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अभय पाण्डेय
अभय पाण्डेयhttp://www.newsstump.com
अभय पाण्डेय एक युवा और प्रतिभाशाली पत्रकार हैं। देश के कई प्रतिष्ठित समाचार चैनलों, अखबारों और पत्रिकाओं में बतौर संवाददाता अपनी सेवाएं दे चुके अभय ने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUST) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अभय ने वर्ष 2004 में PTN News के साथ अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की थी। अपनी बेहतरीन रिपोर्टिंग और जमीनी पकड़ के दम पर उनकी कई खबरें राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर चुकी हैं।

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