भोजपुरः रणवीर सेना के संस्थापक ब्रह्मेश्वर मुखिया की 14वीं पुण्यतिथि (Brahmeshwar Mukhiya14th death anniversary) के अवसर पर सोमवार को उनके पैतृक गांव खोपीरा में श्रद्धांजलि सभा का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार और झारखंड के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रतीक था कि समाज के प्रति ब्रह्मेश्वर मुखिया का त्याग, समर्पण और प्रभाव आज भी लोगों के दिलों में जीवित है।
किसानों और ग्रामीण समाज की आवाज थे ब्रह्मेश्वर मुखिया
ब्रह्मेश्वर मुखिया को ग्रामीण समाज और किसानों की आवाज के रूप में देखा जाता था। उन्होंने समाज के कमजोर और शोषित वर्गों के लिए लगातार संघर्ष किया तथा सामाजिक एकता और संगठन को मजबूत करने का प्रयास किया। उनके समर्थक उन्हें गरीबों और किसानों के हितों की लड़ाई लड़ने वाला नेता मानते हैं।
2012 में हुई थी हत्या
ज्ञात हो कि 1 जून 2012 को आरा शहर में सुबह की सैर के दौरान अज्ञात हमलावरों ने ब्रह्मेश्वर मुखिया की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उनकी हत्या के बाद पूरे बिहार में व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। आज भी उनके समर्थकों के बीच उनकी स्मृति और विचार गहरी भावनात्मक जुड़ाव के साथ मौजूद हैं।
श्रद्धांजलि सभा में जुटे हजारों लोग
अखिल भारतीय राष्ट्रवादी किसान संगठन के तत्वावधान में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में बिहार और झारखंड के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान संगठन की ओर से आगंतुकों का स्वागत किया गया। श्रद्धांजलि सभा में कई सामाजिक एवं किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
चंदन कुमार सिंह ने जताया आभार
ब्रह्मेश्वर मुखिया के पोता और अखिल भारतीय राष्ट्रवादी किसान संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष चंदन Kumar सिंह ने कहा कि ब्रह्मेश्वर मुखिया का जीवन समाज सेवा, संघर्ष और संगठन के प्रति समर्पण का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि आज भी बड़ी संख्या में लोगों का उनके प्रति सम्मान और जुड़ाव यह दर्शाता है कि उनके विचार और कार्य समाज के बीच जीवित हैं। उन्होंने सभी आगंतुकों, समर्थकों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन समाज और किसानों के हित में निरंतर कार्य करता रहेगा।
राज्यभर में हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम
वक्ताओं ने ब्रह्मेश्वर मुखिया के सामाजिक योगदान, किसानों और ग्रामीण समाज के प्रति उनकी सक्रियता को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि समाज के प्रति उनका समर्पण और संगठन क्षमता आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का विषय है।
पुण्यतिथि के अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। कार्यक्रम के अंत में संगठन की ओर से सभी आगंतुकों, समर्थकों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
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