Thursday, February 12, 2026

अगर आप भी है तंबाकू के शौकीन तो हो जाइए सावधान, कोरोना ले सकता है चपेट में

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नई दिल्ली: तंबाकू प्रोडक्ट के उपयोग से श्वसन संबंधी संक्रमण बढ़ सकता है और ऐसे लोग कोरोना वायरस की चपेट में आने के लिहाज से अधिक संवेदनशील हैं। धूम्रपान करने वाले लोगों के कोरोना की चपेट में आने का खतरा अधिक है क्योंकि धूम्रपान करने से हाथ से मुंह तक विषाणु के जाने की आशंका अधिक रहती है।

हेल्थ मिनिस्ट्री ने ‘कोविड-19 वैश्विक महामारी और भारत में तंबाकू का इस्तेमाल’ पर कहा कि विशेषज्ञों ने पुष्टि की है कि धूम्रपान करने वालों में कोरोना वायरस के अधिक गंभीर लक्षण दिखने या उनके मरने की आशंका अधिक है, क्योंकि यह सबसे पहले फेफड़ों पर हमला करता है।

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धूम्रपान करने का मतलब है कि उंगलियां होठों के संपर्क में आती है जिससे विषाणु के हाथ से मुंह तक जाने का खतरा बढ़ जाता है। पानी के पाइप या हुक्का जैसे धूम्रपान उत्पादों को कई लोग इस्तेमाल करते हैं जिससे कोरोना के फैलने का खतरा हो सकता है।

तंबाकू प्रोडक्ट दिल की बीमारी, कैंसर, फेफड़ों की बीमारी और मधुमेह के रोगियों के लिए बड़ा खतरा है। ऐसे लोगों के कोरोना की चपेट में आने से गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। तंबाकू उत्पादों में जो रसायन होते हैं वे विभिन्न प्रकार की प्रतिरक्षा कोशिकाओं की गतिविधि को दबाते हैं।

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स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, ‘‘धूम्रपान करने से फेफड़ों की कार्यप्रणाली बाधित होती है जिससे प्रतिरक्षा क्षमता कम होती है और शरीर के लिए विभिन्न बीमारियों से लड़ना मुश्किल हो जाता है। धूम्रपान, ई-सिगरेट, बिना धुएं वाले तंबाकू, पान मसाला और ऐसे ही उत्पादों के इस्तेमाल से फेफड़ों संबंधी संक्रमण का खतरा और तीव्रता बढ़ सकता है।’’

उसने कहा कि तंबाकू उत्पादों (खैनी, गुटखा, पान, जर्दा) चबाने के बाद थूकना पड़ता है। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से स्वास्थ्य संबंधी खतरा बढ़ता है खासतौर से कोविड-19, टीबी, स्वाइन फ्लू, इंसेफैलाइटिस जैसे संक्रामक रोग फैलते हैं।

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