पटनाः बिहार में स्टेट हाईवे और राज्य सरकार के पुलों पर टोल वसूली को लेकर छिड़े विवाद के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि राज्य सरकार निजी वाहनों से किसी भी तरह का टोल टैक्स नहीं लेगी। प्रस्तावित रोड यूजर फी केवल व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों पर ही लागू होगा।
अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड में आयोजित ‘सहयोग शिविर’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि टोल नीति को लेकर विपक्ष जानबूझकर भ्रम फैला रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का निर्णय पूरी तरह स्पष्ट है और आम लोगों को किसी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
“बिहार सरकार ने तय किया है कि निजी वाहनों पर कोई टोल नहीं लगेगा। केवल कमर्शियल वाहनों से रोड यूजर फी लिया जाएगा।”- सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री, बिहार सरकार
अधिसूचना के बाद बढ़ा था विवाद
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले ही ‘बिहार रोड यूजर फी (दर निर्धारण एवं वसूली) नियम, 2026’ की अधिसूचना जारी की गई थी। इन नियमों को राज्य मंत्रिमंडल ने 1 जुलाई को मंजूरी दी थी। अधिसूचना सामने आने के बाद यह आशंका जताई जाने लगी थी कि अब राज्य सरकार के अधीन आने वाले स्टेट हाईवे और पुलों पर निजी वाहनों से भी टोल वसूला जाएगा।
इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सरकार पर आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया था। सोशल मीडिया पर भी इस फैसले को लेकर कई तरह की चर्चाएं और भ्रम फैलने लगे थे।
सरकार ने किया स्थिति स्पष्ट
मुख्यमंत्री के ताजा बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार फिलहाल निजी कार, बाइक और अन्य व्यक्तिगत उपयोग के वाहनों पर किसी प्रकार का रोड यूजर फी लागू नहीं करने जा रही है। प्रस्तावित शुल्क केवल व्यावसायिक परिवहन से जुड़े वाहनों से लिया जाएगा।
हालांकि, सरकार की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन-किन श्रेणी के कमर्शियल वाहनों पर कितना शुल्क लगेगा और इसे लागू करने की अंतिम समय-सीमा क्या होगी।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार नई अधिसूचना या विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर टोल नीति की पूरी तस्वीर कब सामने रखती है।
