भोजपुर: “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” के अपने संकल्प को लगातार मजबूत करते हुए केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान एक बार फिर पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे। भोजपुर के शाहपुर थाना अन्तर्गत बिलौटी गांव में भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात कर चिराग ने साफ संदेश दिया कि बिहार में किसी भी अन्याय पर उनकी नजर है और न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता है।
मामले ने पकड़ा राजनीतिक तूल
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने पूरे बिहार की राजनीति को गर्मा दिया है। इस बीच चिराग पासवान का पीड़ित परिवार के दरवाजे तक पहुंचना न सिर्फ संवेदनशीलता का संकेत है, बल्कि न्याय की लड़ाई में एक मजबूत राजनीतिक हस्तक्षेप भी माना जा रहा है।
वरिष्ठ नेताओं की रही मौजूदगी
इस दौरान चिराग पासवान के साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी, संसदीय बोर्ड अध्यक्ष हुलास पाण्डेय, मंत्री संजय पासवान, संजय सिंह, विधान पार्षद अशरफ अंसारी और राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश कुमार भट्ट भी मौजूद रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में पार्टी के नेता और समर्थक भी मौके पर पहुंचे, जिससे यह मुलाकात राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर काफी अहम मानी जा रही है।
परिजनों को दिया भरोसा
परिजनों से मुलाकात के दौरान चिराग ने घटना की पूरी जानकारी ली और परिवार की पीड़ा को गंभीरता से सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी।
उठाए कई बड़े सवाल
चिराग पासवान ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण किया था, तो फिर गोली कैसे चली? उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परिवार का सवाल नहीं है, बल्कि बिहार की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि किसी को भी एनकाउंटर की आड़ में कानून हाथ में लेने या निर्दोषों पर गोली चलाने का अधिकार नहीं है। मामले में आरोपी डीएसपी राजेश शर्मा की नई पोस्टिंग को लेकर उन्होंने नाराजगी जताते हुए इस बाबत मुख्यमंत्री से चर्चा करने और अविलंब कार्रवाई कराने की बात कही।
उनका साफ कहना है कि जिन पर इस मामले में आरोप लगे हैं, उन्हें किसी तरह का संरक्षण या पुरस्कार नहीं, बल्कि कानून के तहत सख्त सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि न्याय से समझौता किसी भी कीमत पर नहीं होगा और दोषियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
परिवार में बढ़ी न्याय की उम्मीद
चिराग के दौरे के बाद भरत तिवारी के परिवार में न्याय की उम्मीद और मजबूत हुई है। परिवार का कहना है कि अब उन्हें विश्वास है कि उनकी आवाज सत्ता के शीर्ष तक पहुंचेगी और मामले की निष्पक्ष जांच होगी।
राजनीतिक संदेश भी साफ
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चिराग पासवान का यह कदम उनके “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” विजन को और मजबूती देता है। ऐसे समय में जब बिहार की कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में है, उनका यह रुख जनता के बीच एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भरत तिवारी मामले में जांच कितनी तेज़ी से आगे बढ़ती है और क्या पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल पाता है।
