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Sunday, January 23, 2022

कटघरे में पुलिस: नहीं मिली लाश तो पुतला बनाकर बेटे ने किया पिता का अंतिम संस्कार

रोहतासः जिले के नोखा थाना क्षेत्र से पुलिस की उदासीनता और लचर कार्यशैलि से जुड़ा एक बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां भलुआहीं गांव के एक युवक ने आरोप लगाया है कि सूर्यपूरा और नोखा थाना में तैनात रह चुके दो थानाध्यक्षों ने अपराधकर्मियों के साथ मिलकर उसके पिता की लाश गायब कर दी है। पिता की लाश नहीं मिलने पर शुक्रवार को उसे अपने पिता की लाश के बदले उनका पुतला बनाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा है।

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दरअसल, साल 2018 में नोखा थाना क्षेत्र के भलुआही गांव में मनचलों ने गांव की ही एक नाबालिग युवती के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। युवती की निशानदेही पर इस मामले में गांव के तीन युवकों को आरोपी बनाया गया था। उनके विरुद्ध नोखा थाना में दर्ज कांड संख्या 101/18 में गांव के 65 वर्षीय वीरेंद्र शर्मा मुख्य गवाह थे। परिजनों के मुताबिक जब से वीरेंद्र इस मामले में गवाह बने थे, तब से अंतिम गवाही तक उन्हे लगातार धमकी मिल रही थी। धमकी देने वाले उन्हें इस मामले से खुद को अलग करने के लिए दबाव बना रहे थे। धमकी से बे-परवाह वीरेंद्र 7 जनवरी 2021 को मामले में अंतिम गवाही के लिए अपने घर से सासाराम कोर्ट गए और फिर वापस नहीं आए।

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विधायक अनीता देवी ने भी की थी एसपी से अपील

वीरेन्द्र के वापस नहीं लौटने पर उनके बेटे संतोष शर्मा ने 8 जनवरी 2021 को नोखा थाना में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया जिसका कांड संख्या 13/21 है। इस बीच परिजनों ने अपनी तरफ से खोजबिन करने के अलावें कई बार थाने के भी चक्कर लगाए। उन्होंने दो बार आरक्षी अधीक्षक रोहतास को भी लिखित आवेदन दिया। इस तरह से 5 माह गुजर गए, तो परिजनों ने स्थानीय विधायक अनीता देवी के समक्ष भी गुहार लगाई। परिजनों की गुहार पर विधायक अनीता देवी ने 6 जून 2021 को आरक्षी अधीक्षक रोहतास को एक पत्र प्रेषित किया और उचित कार्रवाई करने की अपील की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। 2 अगस्त 2021 को वीरेंद्र के बेटे संतोष शर्मा ने तीसरी बार पुनः आरक्षी अधीक्षक रोहतास के समक्ष गुहार लगाई।

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नहीं मिली लाश की तस्वीर

इस बीच नोखा थाना की तरफ संतोष को फोन किया गया और बताया गया कि सुर्यपुरा थाना क्षेत्र में एक लाश बरामद हुई है वो जाकर उसकी शिनाख़्त कर लें। संतोष जब सूर्यपूरा थाना जाते हैं तो उन्हें कुछ कपड़े दिखाए जाते हैं और कहा जाता ये उस लाश के हैं जिसे पुलिस ने बरामद किया था। कपड़े की पहचान करने के बाद जब संतोष उस लाश के बारे में पूछते हैं तो पुलिस वाले ये कह कर पल्ला झाड़ लिया कि उन्होंने उसका अंतिम संस्कार कर दिया है। संतोष के मुताबिक पुलिस वालों ने उन्हें ना तो लाश की कोई तस्वीर दी है और ना स्पष्ट बता रहे हैं कि लाश का अंतिम संस्कार कहां किया गया। बहरहाल पिता को मरा मानकर संतोष ने लाश की जगह पुतला बनाकर पूरे विधि-विधान से अपने पिता का अंतिम संस्कार कर दिया है लेकिन न्याय की आस अब भी बरकरार है और वो अब आगे की कार्वाई में जुट गए हैं।

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