पटनाः बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने शुक्रवार को अपने खास चुटीले अंदाज में सत्तारूढ़ दल पर ऐसा निशाना साधा कि सदन में सियासी तंज और ठहाकों का माहौल बन गया। सम्राट की पगड़ी को केंद्र में रखते हुए, शब्दों के चयन से लेकर पुराने वादों की याद दिलाने तक, उन्होंने एक-एक कर सत्ता पक्ष के नेताओं को घेरते हुए न सिर्फ राजनीतिक विरोध जताया, बल्कि बदलते सत्ता समीकरणों पर भी तीखी टिप्पणी की।
‘इलेक्टेड’ बनाम ‘सिलेक्टेड’: सत्ता की वैधता पर सीधा वार
अपने संबोधन में तेजस्वी यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar और मौजूदा मुख्यमंत्री Samrat Choudhary को लेकर “इलेक्टेड बनाम सिलेक्टेड” का मुद्दा उठाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “इलेक्टेड” मुख्यमंत्री को हटाकर “सिलेक्टेड” मुख्यमंत्री बनाया गया है-जो सीधे तौर पर हालिया सत्ता परिवर्तन पर सवाल खड़ा करता है।
पगड़ी की कसम या सियासी समझौता?
इसके बाद तेजस्वी ने सम्राट चौधरी को उनकी चर्चित “पगड़ी वाली कसम” की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी ने कभी प्रण लिया था कि जब तक वे नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से नहीं हटाएंगे, तब तक पगड़ी नहीं उतारेंगे। अब जब सत्ता परिवर्तन हो चुका है और वे खुद मुख्यमंत्री बन गए हैं, तेजस्वी ने चुटकी लेते हुए पूछा-क्या यह संयोग है या सोची-समझी रणनीति?
‘लालू जी की पाठशाला’: अतीत से उठता सियासी तंज
तेजस्वी ने आगे सम्राट चौधरी के राजनीतिक अतीत पर भी निशाना साधा और याद दिलाया कि उन्होंने अपनी राजनीतिक शुरुआत Lalu Prasad Yadav की पार्टी से की थी। “लालू जी की पाठशाला” कहकर उन्होंने यह संकेत देने की कोशिश की कि आज जिन पर वे निशाना साध रहे हैं, उनकी राजनीतिक जड़ें उसी विचारधारा में रही हैं।
‘पगड़ी पर नज़र’: सत्ता के भीतर की खींचतान का इशारा
भाषण के अंत में तेजस्वी यादव ने हल्के-फुल्के अंदाज में सत्ता के अंदरूनी समीकरणों पर भी कटाक्ष किया और कहा कि “पगड़ी संभालकर रखिए, उस पर विजय सिन्हा की भी नजर है।” इस टिप्पणी को नई सरकार के भीतर संभावित शक्ति संतुलन और खींचतान के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
बदली सत्ता, तेज होती सियासत: आगे क्या?
कुल मिलाकर, यह भाषण सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्ता परिवर्तन के बाद नई सियासी लड़ाई का संकेत भी दे गया। Tejashwi Yadav ने अपने व्यंग्य और प्रतीकों के जरिए साफ कर दिया है कि विपक्ष अब नए नेतृत्व वाली सरकार को आक्रामक अंदाज में घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है।
