पटनाः बिहार में प्रस्तावित कैबिनेट विस्तार से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है और संभावित चेहरों को लेकर चर्चाएं चरम पर हैं। इसी बीच LJP (Ramvilas) से गोविंदगंज विधायक राजू तिवारी का नाम तेजी से सुर्खियों में उभरा है। माना जा रहा है कि आगामी विस्तार में उनकी दावेदारी मजबूत हो सकती है।
लोजपा (रामविलास) कोटे में बढ़ी हलचल
सूत्रों के मुताबिक, NDA के भीतर सहयोगी दलों को प्रतिनिधित्व देने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) कोटे से संजय पासवान और संजय सिंह को पहले ही मंत्री बनाया जा चुका है। अब पार्टी के भीतर यह चर्चा तेज है कि कैबिनेट विस्तार में राजू तिवारी को भी मंत्री पद मिल सकता है।

चिराग पासवान के करीबी, संगठन में मजबूत पकड़
राजू तिवारी को चिराग पासवान का बेहद करीबी माना जाता है। उन्होंने गोविंदगंज सीट से रिकॉर्ड वोटों से जीत हासिल की है, जिससे उनकी राजनीतिक हैसियत और मजबूत हुई है। वे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं और लोजपा में टूट के बाद संगठन को संभालने और उसका अस्तित्व बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।

संगठन में अहम जिम्मेदारियां, अब मंत्री पद की उम्मीद
हालांकि शीर्ष नेतृत्व ने अब तक उन्हें मंत्री नहीं बनाया है, लेकिन राजू तिवारी को विधायक दल का नेता और विधानसभा में सत्तारूढ़ दल का सचेतक जैसी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार उन्हें मंत्री पद देकर पुरस्कृत किया जा सकता है।
क्या बोले राजू तिवारी
इस बीच राजू तिवारी ने खुद इन चर्चाओं पर संतुलित प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है, “पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है। आगे शीर्ष नेतृत्व जो भी फैसला लेगा, वह मुझे स्वीकार होगा। मैं पहले भी लोजपा (रामविलास) का समर्पित सिपाही था, आज भी हूं और आगे भी रहूंगा। मेरे लिए पद से ज्यादा पार्टी महत्वपूर्ण है।”
जनता की उम्मीदें भी बढ़ीं
इधर NDA सरकार की पहली कैबिनेट में राजू तिवारी को जगह नहीं मिलने से गोविंदगंज की जनता में नाराजगी देखी गई थी। ऐसे में इस संभावित विस्तार से लोगों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे एक अनुभवी नेता हैं और उनके मंत्रीमंडल में शामिल होने से एनडीए सरकार को मजबूती मिलेगी। साथ ही, उन्हें जो भी विभाग सौंपा जाएगा, उसमें कार्य और बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
NDA में संतुलन साधने की कवायद
दरअसल, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (यूनाइटेड) के बीच मंत्रालयों के बंटवारे के साथ-साथ सहयोगी दलों को संतुलित प्रतिनिधित्व देना भी जरूरी है। ऐसे में लोजपा (रामविलास) के भीतर नए चेहरे को मौका देना राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है।

4 मई के बाद साफ हो सकती है तस्वीर
सूत्रों के अनुसार, 4 मई 2026 के बाद कैबिनेट विस्तार संभावित है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या राजू तिवारी को मंत्री पद मिलता है या नहीं।
फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन जिस तरह से उनका नाम चर्चा में है, उससे यह तय है कि राजू तिवारी इस बार के कैबिनेट विस्तार में एक मजबूत दावेदार के तौर पर उभरकर सामने आए हैं। आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरण किस दिशा में जाते हैं, इस पर उनकी सियासी भूमिका निर्भर करेगी।
