मोकामा से चलकर गया, नालंदा और नवादा पहुंचेगी गंगा, लोगों की प्यास बुझाएगा गंगाजल

पटनाः गंगा का जल यानी गंगाजल अब प्रदेश के नालंदा, गया और नवादा जिले में भी बहेगा। ये जिले अक्सर गर्मियों में पानी के संकट से जूझते रहते हैं, लेकिन गंगा अब इनकी प्यास बुझाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को नालंदा के गिरियाक में जलाशय स्थल के संचालन का निरीक्षण किया, जो महत्वाकांक्षी गंगाजल लिफ्ट परियोजना का एक हिस्सा है। साथ ही उन्होंने नवादा और राजगीर में संलग्न जल उपचार और आपूर्ति सुविधाओं का निरीक्षण भी किया। उन्होंने गया में जल भंडारण और आपूर्ति सुविधाओं का भी निरीक्षण किया।

2019 में 4,175 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम शुरू हुआ, जिसके तहत गंगा नदी का पानी मोकामा के पास हाथीदाह से उठाया जाना है और पहले गिरियाक में डिटेक्शन टैंक में संग्रहित किया जाना है। गिरियाक से पानी अलग-अलग पाइन लाइन से नवादा, गया और राजगीर ले जाया जाएगा। संबंधित जिलों में इसके उपचार के बाद निवासियों को पानी वितरित किया जाएगा।

मानपुर में तैयार किया गया है विशाल जलाशय

जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के एक कार्यकारी अभियंता ने कहा, “नवादा, गया के मानपुर और नालंदा के राजगीर में जल उपचार संयंत्र स्थापित करने का काम चल रहा है।” उन्होंने कहा कि मानपुर में पानी के भंडारण के लिए एक विशाल जलाशय तैयार किया गया है। गया में जलाशय 90 मिलियन क्यूबिक मीटर क्षमता का है।

इस मानसून मिलना शुरू हो जाएगा नल से गंगाजल

बिहार सरकार ने तेलंगाना, ओडिशा और उत्तर प्रदेश में इसी तरह की जलापूर्ति का उचित अध्ययन करने के बाद परियोजना शुरू करने का फैसला किया। पिछले एक दशक में राजगीर का जलस्तर 5.06 मीटर नीचे चला गया है, जबकि गया का भूजल स्तर पिछले एक साल में 52 सेंटीमीटर नीचे चला गया है। अधिकारियों ने कहा कि जलाशय मानसून के दौरान भर जाएगा, जो जिलों में जल स्तर को ऊपर खींचने में भी मदद करेगा। सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो गया, नलंदा और नवादा के निवासियों को इस साल मानसून से अपने नल से गंगाजल मिलना शुरू हो जाएगा।”

तीनों जिलों में बिछाई जा रही है 160 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन

अधिकारियों ने बताया कि गंगा के पानी को निर्धारित जलाशयों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए तीनों जिलों में करीब 160 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जा रही है। मुख्य पाइपलाइन हाथीदाह से नालंदा जिले के गिरियाक तक सरमेरा और बरबीघा होते हुए चलेगी। एक और पाइपलाइन राजगीर से जुड़ेगी जबकि दूसरी नवादा को जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि तीसरी पाइपलाइन गिरियक से वंगंगा, तपोवन और जेठियां होते हुए गया जिले के मानपुर कस्बे में जाएगी।

कई हॉट स्प्रिंग्स के लिए मशहूर राजगीर में इस साल एक दर्जन नदियां सूख गईं, जो हर साल हजारों पर्यटकों को आकर्षित करती थीं। राजगीर में कुल 22 कुंड (टैंक) और 52 धाराएँ हैं, जिनमें से कई गर्म धाराएँ हैं। विकास ने राज्य सरकार को राजगीर में सबमर्सिबल पंपों की स्थापना पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रेरित किया। गया, बोधगया और राजगीर में हर साल लगभग 7-8 लाख पर्यटक आते हैं।

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