Sunday, May 10, 2026

कोरोना महामारी की वजह से हुआ वायु की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार

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नई दिल्लीः एक तरफ जहां महामारी बन चुके कोरोना वायरस (COVID- 19) ने पुरी दुनिया को तबाह कर दिया है, वहीं इस वायरस ने कुछ सकारात्मक बदलाव भी किए हैं। इस बात पर विश्वास करना थोड़ा कठिन है, लेकीन कुछ रिपोर्टों के मुताबिक  ब्रिटेन, इटली, चीन और अन्य देशों में संगरोध (Quarantine) के तहत वायु प्रदूषण में तेजी से कमी आ रही है, जो किसी चमत्कार से कम नहीं है।

हम जब चाहें पृथ्वी को एक दिन की छुट्टी दे सकते हैं

विशेषज्ञों की मानें, तो कोरोनी की वजह से सड़कों पर वाहन चलाने वालों की संख्या का कम होना प्रदूषण के रुकने का एक प्रमुख कारक है। इस समय कुछ भी निश्चित नहीं है, क्योंकि मौसम के आधार पर प्रदूषण का स्तर अलग-अलग होता है, लेकिन निश्चित रूप से वहां जितनी कम कारें होंगी, उतनी ही तेजी से धुंध छंटेगी और चूंकि हर कोई घर पर कुछ भी नहीं कर रहा है, यह दर्शाता है कि हम जब चाहें पृथ्वी को एक दिन की छुट्टी दे सकते हैं।

कोरोना संक्रण के बाद चीन में हवा की गुणवत्ता पहले से अधिक बेहतर

पर्यावरण, खाद्य और कृषि विभाग द्वारा नियमित रूप से निगरानी की जाने वाली UK की सभी 165 साइटों पर प्रदूषण का स्तर बहुत कम है। ” इटली, फ्रांस, स्पेन, स्विटजरलैंड और चेक गणराज्य के प्रमुख शहरों में भी ऐसी ही घटनाएं सामने आई हैं। यहां तक ​​कि चीन में भी हवा की गुणवत्ता पहले से कहीं अधिक बेहतर हुई है।

उत्तरी इटली में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में तेज कमी

सैटेलाइट सिस्टम इटली और चीन में संगरोध (Quarantine) की शुरूआत के कुछ ही दिनों बाद नाइट्रोजन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी दिखाते हैं। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के आंकड़े भी उत्तरी इटली में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में तेज कमी दिखाते हैं, जो देश में प्रकोप का केंद्र। स्पेन को देखते हुए हम यह भी पाते हैं कि उत्सर्जन स्तर वहां कम होने लगे हैं। मैड्रिड के लिए वर्तमान माप सामान्य से बहुत कम सांद्रता (Concentration) दिखाते हैं, जो कि बहुत बढ़िया है!

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मैली रहने वाली वेनियन नहरों में मछली की तस्वीरें लेना हुआ आसान

इसके अलावें यह भी अपने आप में आश्चर्यजनक है कि वेनियन नहरों में पानी उस बिंदु तक स्पष्ट हो गया है जहाँ लोग मछली की तस्वीरें ले रहे हैं! बता दें आमतौर पर ये नहरें बहुत मैली होती हैं, लेकिन जैसा कि हम देख सकते हैं, यदि आप तलछट (नीचे बैठा मैल) को सुलझाते हैं, तो आप स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को ठीक करने में मदद कर सकते हैं। कुल मिलाकर, यह वायरस हमें बुरे से ज्यादा अच्छा कर रहा है।

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अभय पाण्डेय
अभय पाण्डेयhttp://www.newsstump.com
अभय पाण्डेय एक युवा और प्रतिभाशाली पत्रकार हैं। देश के कई प्रतिष्ठित समाचार चैनलों, अखबारों और पत्रिकाओं में बतौर संवाददाता अपनी सेवाएं दे चुके अभय ने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUST) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अभय ने वर्ष 2004 में PTN News के साथ अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की थी। अपनी बेहतरीन रिपोर्टिंग और जमीनी पकड़ के दम पर उनकी कई खबरें राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर चुकी हैं।

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