पटना: बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में पहली बार आयोजित कैबिनेट की बैठक में बुधवार को 11 विभागों के कुल 22 एजेंडों पर मोहर लगी। इनमें शहरी विकास को लेकर एक अहम प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत राज्य के 11 प्रमुख शहरों में ग्रीनफिल्ड सैटेलाइट टाउनशिप (Greenfield Satellite Township) विकसित करने का निर्णय लिया गया है। प्रस्तावित 11 टाउनशिप क्षेत्रों के लिए मास्टर प्लान अधिसूचित होने तक भूमि क्रय-विक्रय, हस्तांतरण और किसी भी प्रकार के भवन निर्माण से जुड़े कार्यों पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
अनियोजित निर्माण पर लगेगी रोक
कैबिनेट की बैठक के बाद इस संबंध में जानकारी देते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने बताया कि यह निर्णय योजनाबद्ध शहरी विकास को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि Greenfield Satellite Township क्षेत्रों में बिना मास्टर प्लान के अनियोजित निर्माण को रोका जा सके और भविष्य में बेहतर आधारभूत संरचना विकसित की जा सके।
इन 11 शहरों में लागू होगा फैसला
उन्होंने बताया कि यह निर्णय राजधानी पटना सहित सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी में चिन्हित टाउनशिप के विशेष एवं कोर क्षेत्रों में लागू होगा। मास्टर प्लान अधिसूचना की प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए शहरों को दो समूहों में बांटा गया है। सरकार ने पटना के लिए जोनल प्लान 31 मार्च 2027 तक तथा अन्य शहरों के लिए मास्टर प्लान 30 जून 2027 तक तैयार करने की समय-सीमा तय की है।
रोजगार और सुविधाओं में होगा इजाफा
इस फैसले से Greenfield Satellite Township का विकास योजनाबद्ध तरीके से सुनिश्चित होगा। इससे नए आर्थिक गतिविधि केंद्र विकसित होंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, सैटेलाइट टाउनशिप के विकास से मौजूदा शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी।
निवेश बढ़ाने में मिलेगी मदद
Greenfield Satellite Township बनाए जाने पर सरकार के निर्णय को राज्य में सुनियोजित शहरीकरण और निजी निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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