Saturday, May 2, 2026

बिहार सरकार के PHED मंत्री संजय सिंह पर राजद नेता मुकेश रौशन के गंभीर आरोप, सियासत गरमाई

-Advertise with US-

पटनाः बिहार की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। महुआ विधानसभा क्षेत्र से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक और प्रदेश सरकार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मंत्री संजय सिंह (PHED Minister Sanjay Singh) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

राजद नेता मुकेश रौशन ने PHED संत्री संजय सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। Mukesh Raushan का दावा है कि छत्तीसगढ़ की एक अदालत से संजय सिंह के खिलाफ वारंट जारी हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री को इस वारंट की पूरी जानकारी है, लेकिन वे न्यायालय का सम्मान करने के बजाय अपने संवैधानिक पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। रौशन ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री और डीजीपी को पत्र लिखने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

जमीन हड़पने और धोखाधड़ी के आरोप

मुकेश रौशन ने मंत्री पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संजय सिंह राजीव नगर इलाके में फर्जी तरीके से जमीन हड़पने और फ्लैट के नाम पर 11 लाख रुपये की ठगी में शामिल हैं। उनका दावा है कि इस कथित मामले से जुड़ा एक वीडियो हाजीपुर में वायरल हो रहा है, जिससे पूरे मामले ने और तूल पकड़ लिया है।

शराब तस्करों को संरक्षण का भी आरोप

रौशन ने इससे भी आगे बढ़ते हुए आरोप लगाया कि बिहार में लागू शराबबंदी के बावजूद महुआ और हाजीपुर इलाके में सक्रिय शराब तस्करों को मंत्री का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि एक 50 हजार रुपये के इनामी शराब तस्कर को सत्ता का वरदहस्त हासिल है, जो राज्य सरकार की नीतियों और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

- Advertisement -

संजय सिंह पर पहले भी लगते रहे हैं आरोप

इसी बीच यह भी सामने आया है कि संजय सिंह पेशे से बिल्डर हैं और उनके खिलाफ पहले भी इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं। कुछ दिन पहले हाजीपुर निवासी प्रभात सिंह चौहान नाम के एक व्यक्ति ने भी उन पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था और इस मामले को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किया था।

राजनीतिक समीकरण भी चर्चा में

संजय सिंह लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से विधायक हैं और पार्टी प्रमुख चिराग पासवान के करीबी माने जाते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पहली बार विधायक बनने के बावजूद उन्हें मंत्री पद दिया जाना उनके मजबूत राजनीतिक रिश्तों की ओर इशारा करता है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को पीछे छोड़ते हुए उनका मंत्री बनना पहले भी चर्चा का विषय रहा था।

- Advertisement -

सरकार की चुप्पी पर सवाल

इस पूरे मामले पर अभी तक सरकार या खुद संजय सिंह की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में विपक्ष लगातार हमलावर है और पारदर्शिता की मांग कर रहा है।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ऐसे मामलों पर ज़ीरो टॉलरेंस की बात करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं। क्या सुशासन की इस सरकार में आरोपों की जांच होगी या यह मुद्दा भी राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रह जाएगा-यह आने वाला समय ही तय करेगा।

Read also: “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” – नीति से नियत तक, चिराग के विजन का कितना असर?

- Advertisement -
अभय पाण्डेय
अभय पाण्डेयhttp://www.newsstump.com
अभय पाण्डेय एक युवा और प्रतिभाशाली पत्रकार हैं। देश के कई प्रतिष्ठित समाचार चैनलों, अखबारों और पत्रिकाओं में बतौर संवाददाता अपनी सेवाएं दे चुके अभय ने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUST) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अभय ने वर्ष 2004 में PTN News के साथ अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की थी। अपनी बेहतरीन रिपोर्टिंग और जमीनी पकड़ के दम पर उनकी कई खबरें राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर चुकी हैं।

Related Articles

-Advertise with US-

लेटेस्ट न्यूज़

Intagram

108 Followers
Follow