पटनाः लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) चीफ चिराग पासवान का “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” सिर्फ़ एक नारा नहीं, बल्कि हर वर्ग और हर समाज को साथ लेकर चलने की उनकी राजनीतिक सोच का आधार बन चुका है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए वह कल शाहपुर के बिलौटी गांव जाकर पुलिस एंनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात करेंगे।
पार्टी प्रवक्ता ने दी जानकारी
इस दौरे की जानकारी राजेश भट्ट ने दी है। भट्ट ने कहा कि चिराग पासवान की राजनीति हमेशा समाज के हर वर्ग के साथ खड़े होने और हर पीड़ित परिवार की आवाज़ बनने की रही है। उन्होंने कहा कि “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” की सोच का मतलब ही यही है कि किसी भी पीड़ित परिवार को अकेला महसूस न होने दिया जाए।
भरत तिवारी प्रकरण पर टिकी निगाहें
भरत तिवारी प्रकरण पिछले कुछ दिनों से सामाजिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। जहां एक तरफ जीतनराम मांझी और नागमणी कुशवाहा जैसे नेता इसे अपने-अपने सामाजिक और राजनीतिक नजरिए से देख रहे हैं, वहीं चिराग पासवान का बिलौटी दौरा यह संकेत देता है कि उनकी राजनीति हर पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने की सोच पर आधारित है।
राजनीति से ऊपर सामाजिक समरसता का संदेश
भट्ट ने कहा कि चिराग पासवान लगातार अपने राजनीतिक विज़न में यह बात दोहराते रहे हैं कि बिहार की राजनीति अब सिर्फ जातीय समीकरणों के इर्द-गिर्द नहीं घूमनी चाहिए, बल्कि विकास, न्याय और सामाजिक समरसता को केंद्र में रखकर आगे बढ़नी चाहिए। बिलौटी का यह दौरा उसी सोच का विस्तार है।
हर पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने का संदेश
हाल के दिनों में Rajgir Malmas Mela में भीड़ की हिंसा में मारे गए युवकों के परिजनों से मुलाकात कर चिराग ने संवेदनशील राजनीति का परिचय दिया था। अब भरत तिवारी के परिवार से मिलने का फैसला यह साफ करता है कि वे हर पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने का संदेश देना चाहते हैं।
कल के दौरे पर सबकी नजरें
अब सबकी नजरें कल के इस दौरे पर टिकी हैं। राजनीतिक हलकों में इसे एक महत्वपूर्ण सामाजिक और संवेदनात्मक पहल के तौर पर देखा जा रहा है, जो बिहार की राजनीति में समावेशी सोच को और मजबूत कर सकता है।
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