नई दिल्ली: ब्रिक्स के दो दशक पूरे होने के अवसर पर शनिवार 12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान दो विशेष स्मारक डाक टिकट जारी किए गए। इन डाक टिकटों के जरिए वर्ष 2006 से 2026 तक ब्रिक्स के सफर और आपसी संवाद, सहयोग तथा एकजुटता के एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच के रूप में उसके विकास को रेखांकित किया गया है।
दोनों स्मारक डाक टिकटों पर “BRICS: Two Decades of Cooperation, 2006–2026” और “ब्रिक्स: सहयोग के दो दशक, 2006–2026” अंकित है। ये टिकट ब्रिक्स के 20 वर्षों के सहयोग और बदलती वैश्विक परिस्थितियों में समूह की बढ़ती भूमिका को दर्शाते हैं।
इन डाक टिकटों में भारत की वर्ष 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता की प्राथमिकताओं को भी प्रमुखता दी गई है। भारत ने अपनी अध्यक्षता के लिए “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” यानी “सुदृढ़ता, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” की थीम तय की है।
पहला स्मारक डाक टिकट ब्रिक्स के ऐसे मंच के रूप में उभरने को दर्शाता है, जहां आपसी सम्मान, समझ और एकजुटता के आधार पर सदस्य देश संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाते हैं। यह टिकट पिछले दो दशकों में ब्रिक्स के विस्तार और वैश्विक सहयोग के महत्वपूर्ण मंच के रूप में उसके विकास को रेखांकित करता है।
वहीं, दूसरा डाक टिकट भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के ‘मानवता सबसे पहले’ (Humanity First) और ‘जन-केंद्रित’ (People-Centric) विजन तथा लोगो को प्रदर्शित करता है। इसके माध्यम से भारत की अध्यक्षता के उस दृष्टिकोण को सामने रखा गया है, जिसमें वैश्विक सहयोग को लोगों की जरूरतों और साझा विकास से जोड़ने पर जोर दिया गया है।
दोनों स्मारक डाक टिकट ब्रिक्स के बीते 20 वर्षों की यात्रा के साथ-साथ भारत की मौजूदा अध्यक्षता के विजन और प्राथमिकताओं का प्रतीक बनकर सामने आए हैं।
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