नई दिल्लीः उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन (Vice President CP. Radhakrishnan) ने बुधवार को उपराष्ट्रपति भवन में जनगणना 2027 (Census 2027) के तहत ऑनलाइन स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया में भाग लेते हुए स्वयं प्रपत्र भरकर इस महत्वपूर्ण अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इस पहल के माध्यम से उन्होंने देशवासियों को डिजिटल माध्यम से जनगणना में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
नागरिकों से भागीदारी की अपील
उपराष्ट्रपति ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में नागरिकों से अपील की कि वे स्व-गणना प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने-अपने राज्य सरकारों या केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा अधिसूचित समय-सीमा के भीतर आधिकारिक वेब पोर्टल- se.census.gov.in के माध्यम से अपने परिवार से संबंधित जानकारी ऑनलाइन दर्ज करें। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल प्रक्रिया को सरल बनाएगा, बल्कि आंकड़ों की सटीकता और विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगा।
Vice President Shri C. P. Radhakrishnan filled out the self-enumeration form online for Census 2027, at Uprashtrapati Bhavan today.
Census 2027, undertaken in alignment with the Government’s Digital India initiative, leverages extensive digital technologies to enhance the… pic.twitter.com/qFf9PjfV14
— Vice-President of India (@VPIndia) April 1, 2026
डिजिटल इंडिया के अनुरूप पहल
जनगणना 2027 को सरकार की महत्वाकांक्षी डिजिटल इंडिया पहल (Digital India Mission) के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है। इस बार जनगणना में डिजिटल प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिससे डेटा संग्रह, विश्लेषण और प्रसार की गुणवत्ता, दक्षता और समयबद्धता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। यह पहली बार है जब नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने का अवसर दिया जा रहा है, जिससे पारंपरिक सर्वेक्षण पद्धति में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
प्रशासनिक उपस्थिति और महत्व
इस अवसर पर भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण भी उपराष्ट्रपति भवन में मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति ने इस प्रक्रिया की प्रशासनिक गंभीरता और महत्व को और रेखांकित किया।
पारदर्शिता और दक्षता पर जोर
सरकार का मानना है कि डिजिटल स्व-गणना प्रणाली (Digital Self Enumeration) से न केवल नागरिकों की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि यह पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाएगी। जनगणना 2027 को देश की विकास योजनाओं और नीतिगत निर्णयों के लिए एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में देखा जा रहा है।
