पटना: राजधानी के बापू सभागार में ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ अभियान का 5वां स्थापना दिवस (Let’s Inspire Bihar 5th Foundation Day) “बिहार सांस्कृतिक पुनर्जागरण महासभा” थीम के तहत बेहद भव्य तरीके से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 5,000 लोगों की सहभागिता रही और सभागार पूरी तरह भरा हुआ नजर आया।
कल्चरल परफॉर्मेंस ने बांधा समां
कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, मंगलाचरण श्लोक और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। गायत्री मंदिर टीम की योग प्रस्तुति और बेगूसराय टीम के छठ गीतों पर आधारित समूह नृत्य ने दर्शकों को खासा प्रभावित किया। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह सांस्कृतिक ऊर्जा से भरा रहा।
मंच पर दिखी दिग्गजों की मौजूदगी
कार्यक्रम का संचालन अनुप नारायण सिंह, डॉ. शबनम अखौरी और श्वेता सुरभी ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में परमहंस स्वामी अगमानंद मौजूद रहे, जबकि विनय भाई पात्रले विशेष अतिथि के तौर पर शामिल हुए। मंच पर लेट्स इंस्पायर बिहार के संरक्षक वरिष्ठ आईपीए अधिकारी विकास वैभव सहित कई प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति रही।
5 साल में 3.5 लाख लोगों का जन-आंदोलन
22 मार्च 2021 को शुरू हुआ ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ अभियान अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। वर्तमान में 3.5 लाख से अधिक लोग इस पहल से जुड़े हुए हैं, जो इसकी तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
विकास वैभव का विजन: “बिहार बनेगा विकास का इंजन”
अपने संबोधन में ‘Let’s Inspire Bihar’ के संरक्षक विकास वैभव ने कहा कि बिहार का विकास ही भारत के विकास की कुंजी है। उन्होंने बताया कि पिछले साल जहां 1.85 लाख लोग अभियान जुड़े थे, वहीं अब यह संख्या दोगुनी होकर 3.5 लाख पार कर चुकी है।
नालंदा-विक्रमशिला की विरासत से प्रेरणा
उन्होंने बिहार की ऐतिहासिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालयों ने कभी पूरी दुनिया को ज्ञान दिया था। यह विरासत आज भी राज्य के पुनर्निर्माण की प्रेरणा है।
15% ग्रोथ रेट का बड़ा लक्ष्य
विकास वैभव ने कहा कि बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए लगभग 15% की सतत विकास दर हासिल करनी होगी। उन्होंने इसे चुनौतीपूर्ण लेकिन संभव लक्ष्य बताया।
जाति से ऊपर उठने का संदेश
उन्होंने समाज में मौजूद जातीय और अन्य विभाजनों को खत्म करने पर जोर देते हुए लोगों से एकजुट होकर बिहार के विकास में योगदान देने की अपील की।
इतिहास से सीख, बदलाव की मिसाल
चाणक्य और वैशाली गणराज्य का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि बिहार की परंपरा योग्यता आधारित नेतृत्व की रही है। साथ ही बगहा और रोहतास में अपने कार्यकाल के दौरान हुए सकारात्मक बदलावों का भी जिक्र किया।
10 लाख लोगों को जोड़ने का संकल्प
कार्यक्रम में मौजूद हजारों लोगों ने एक साल के भीतर 10 लाख लोगों को अभियान से जोड़ने और बिहार को AI व स्टार्टअप हब बनाने का संकल्प लिया।
‘बिहार प्रेरणा सम्मान’ से हुआ सम्मान
कार्यक्रम में शिक्षा, समाज सेवा, उद्यमिता और मीडिया से जुड़े लोगों को “बिहार प्रेरणा सम्मान” से सम्मानित किया गया। गर्गी चैप्टर की महिलाओं को विशेष रूप से सराहा गया।
“यह सिर्फ अभियान नहीं, जन-आंदोलन है”
अभियान के राष्ट्रीय प्रवक्ता रोहित कुमार ने कहा कि यह आयोजन बिहार में उभरते सांस्कृतिक पुनर्जागरण और जन-आधारित परिवर्तन का प्रतीक है।
कुल मिलाकर, यह आयोजन दर्शाता है कि ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ अब सिर्फ एक पहल नहीं, बल्कि बिहार के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक मजबूत जन-आंदोलन बन चुका है।
