नई दिल्लीः गोपालगंज के किसानों से जुड़ा सासामूसा शुगर मिल का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से उठाया गया। युवा नेता और समाजसेवी पंकज पाण्डेय (Pankaj Pandey) ने किसानों की समस्याओं और सासामूसा चीनी मिल (Sasamusa Sugar Mill) के पुनर्जीवन की मांग को दिल्ली में आयोजित “न्यूट्रीभारत” सम्मेलन में प्रमुखता से रखा।
ASSOCHAM सम्मेलन में किसानों की आवाज
यह सम्मेलन ASSOCHAM द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें देश के अग्रणी चीनी और गन्ना उद्योग से जुड़े समूहों ने विशेष रूप से पंकज पाण्डेय को आमंत्रित किया था। सम्मेलन में उन्होंने गोपालगंज के किसानों की समस्याओं और सासामूसा शुगर मिल के बंद होने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर पड़े प्रभाव को विस्तार से रखा।
सासामूसा शुगर मिल: बंद होने से बढ़ी किसानों की परेशानी
Sasamusa Sugar Mill, जो कभी गोपालगंज और आसपास के क्षेत्रों के किसानों की आर्थिक रीढ़ मानी जाती थी, पिछले कई वर्षों से बंद पड़ी है। मिल के बंद होने से हजारों गन्ना किसानों की आय प्रभावित हुई है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी खत्म हो गए। पिछले कुछ वर्षों से किसान और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता लगातार इस मिल को पुनः चालू कराने की मांग उठा रहे हैं।
तीन वर्षों से जारी है पुनर्जीवन की मुहिम
इसी क्रम में पंकज पाण्डेय बीते लगभग तीन वर्षों से सासामूसा शुगर मिल के पुनर्जीवन के लिए लगातार आंदोलन और प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने विभिन्न मंचों पर इस मुद्दे को उठाया है और अब इसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से रखा जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से हुई अहम बातचीत
इस दौरान पंकज पाण्डेय ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से मुलाकात कर सासामूसा शुगर मिल के पुनर्जीवन और गन्ने से बनने वाले बाय-प्रोडक्ट्स को लेकर गंभीर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मिल के दोबारा शुरू होने से न सिर्फ किसानों को राहत मिलेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ संवाद
सम्मेलन में NIFTEM, LT Foods, Marico और Axis Bank सहित कई प्रमुख संस्थानों और कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व की भागीदारी रही, जिनके साथ पंकज पाण्डेय ने क्षेत्रीय कृषि और उद्योग के विकास को लेकर संवाद किया।
“संकल्प से समाधान तक” – पंकज पाण्डेय
“मैं दिल्ली में केवल आवाज़ उठाने नहीं आया हूँ, बल्कि उस आवाज़ को ठोस निर्णय में बदलने आया हूँ। सासामूसा मिल का पुनर्जीवन अब प्रतीक्षा का विषय नहीं रहेगा। जब तक मिल की चिमनियाँ फिर से नहीं जलतीं, यह संकल्प और संघर्ष दोनों जारी रहेंगे।”- पंकज पाण्डेय
लंबा अनुभव, किसानों के मुद्दों पर निरंतर सक्रियता
गौरतलब है कि पंकज पाण्डेय, पूर्व सांसद स्वर्गीय काली प्रसाद पाण्डेय के पुत्र हैं। वे करीब 26 वर्षों तक मीडिया से जुड़े रहे हैं और पिछले 35 वर्षों से जनहित के मुद्दों को उठाते आ रहे हैं। बीते तीन वर्षों से वे लगातार सासामूसा शुगर मिल को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर सक्रिय हैं।
मिल खुलने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि सासामूसा शुगर मिल फिर से शुरू होती है तो गोपालगंज और आसपास के क्षेत्रों के हजारों किसानों और मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा।
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