24 C
New Delhi
Sunday, February 25, 2024
-Advertisement-

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का 84 साल की उम्र में निधन, देश भर में शोक की लहर

नई दिल्ली: पूर्व राष्ट्रपति ‘भारत रत्न’ प्रणब मुखर्जी का 84 साल की उम्र में  निधन हो गया। वे पिछ्ल कई दिनों से बिमार थे और दिल्ली स्थित सेना के रिसार्च एन्ड रेफरल अस्पताल (R & R) में भर्ती थे। यहां 10 अगस्त को इनके मस्तिष्क की सर्जरी की गई थी जिसके बाद 12 अगस्त को उनकी कोरोना रिपोर्ट पाई गई थी। इस बीच कई बार उनकी तबीयत में सुधार भी देखा गया, जिसकी जानकारी उनके परिजनों द्वारा साझा की गई। लेकीन अंततः आज शाम को

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन की ख़बर से पूरा देश स्तब्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू, गृहमंत्री अमीत शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित पूरे देश ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

प्रणव मुखर्जी के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक

ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “पूरा देश ‘भारत रत्न’ श्री प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोकाकुल है। उन्होंने हमारे राष्ट्र के विकास पथ पर एक अमिट छाप छोड़ी है। वह एक ऐसे सर्वोत्कृष्ट विद्वान एवं बेहतरीन राजनेता थे जिनका सम्‍मान सभी राजनीतिक दल और समाज के सभी तबकों के लोग करते थे।”

पीएम मोदी ने कहा, “प्रणब मुखर्जी ने कई दशकों के अपने लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान प्रमुख आर्थिक और रणनीतिक मंत्रालयों में अमिट योगदान दिया। वह एक उत्कृष्ट सांसद थे, जो सदैव सजग रहते थे और इसके साथ ही अत्‍यंत मुखर और हाजिर जवाब भी थे।”

बकौल मोदी भारत के राष्ट्रपति के रूप में प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन को आम नागरिकों के लिए और भी अधिक सुलभ एवं सहज बना दिया था। उन्होंने राष्ट्रपति भवन को ज्ञान प्राप्ति, नवाचार, संस्कृति, विज्ञान और साहित्य का एक उत्‍कृष्‍ट केंद्र बना दिया था। प्रमुख नीतिगत मुद्दों पर उनकी ज्ञानपूर्ण सलाह को मैं कभी नहीं भुला पाऊंगा।

मोदी ने कहा, “वर्ष 2014 में मेरे लिए दिल्ली में सब कुछ नया था। यह मेरा सौभाग्‍य था कि पहले दिन से ही मुझे श्री प्रणब मुखर्जी से व्‍यापक मार्गदर्शन, सहयोग और आशीर्वाद मिला। मैं सदैव उनके साथ अपनी बातचीत की यादों को संजो कर रखूंगा। उनके परिवार, मित्रों और पूरे भारत में उनके प्रशंसकों एवं समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ओम शांति।”

उप राष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू ने प्रणब मुखर्जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया

उप राष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। एक संदेश में उन्होंने कहा कि श्री मुखर्जी एक ऐसे नेता और भारत के महान बेटे थे,जिन्होंने गरिमा और शिष्टता के साथ सभी पदों की शोभा बढ़ाई। श्री नायडू ने कहा,उनकी मृत्यु के साथ भारत ने एक शानदार नेता खो दिया है।

उन्होंने कहा, “पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी के निधन पर मैं गहरा दुख प्रकट करता हूं। वे एक ऐसे नेता और भारत के महान बेटे थे,जिन्होंने छोटी सी शुरुआत की और कड़ी मेहनत,अनुशासन और समर्पण के दम पर देश से सबसे ऊंचे संवैधानिक पद तक पहुंचे।

मुखर्जी ने अपनी लंबी और प्रतिष्ठित लोक सेवा के दौरान गरिमा और शिष्टता के साथ हर पद की शोभा बढ़ाई। अपने प्रशासनिक कौशल और भारत की संसदीय प्रणाली के प्रति गहरी समझ के लिए पहचाने जाने वाले श्री मुखर्जी ने वित्त मंत्री,रक्षा मंत्री,विदेश मंत्री और योजना आयोग के उपाध्यक्ष सहित कई अहम पद संभाले। राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने राष्ट्रपति भवन में नवाचार कार्यक्रमों में भागीदारी के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया।

वह संसदीय प्रक्रियाओं, समकालीन राजनीति और अन्य मामलों के इनसाइक्लोपीडिया (विश्वकोष) थे तथा उन्हें उनके विद्वतापूर्ण ज्ञान के लिए जाना जाता था। वह एक उत्कृष्ट सांसद थे और उन्हें उनके वक्तृत्व कौशल के लिए जाना जाता था। उनकी अभूतपूर्व स्मृति और मुद्दों पर पकड़ शानदार थी। उन्होंने लोकतंत्र और विभिन्न संस्थानों को मजबूत बनाने में खासी दिलचस्पी ली। वह निर्विवाद शख्सियतों में से एक थे और उन्हें राजनीति में हर किसी से संपर्क में उपयोग किया जाता था।उनकी मृत्यु के साथ,भारत ने एक बेहतरीन नेता खो दिया। मैं उनके शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता हूं और प्रार्थना करता हूं कि भगवान उन्हें इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।”

प्रणब मुखर्जी के निधन पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जताया शोक

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अपने ट्वीट में अमित शाह ने कहा कि “भारत के पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न श्री प्रणब मुखर्जी जी के निधन से बहुत व्यथित हूँ। वे बहुत ही अनुभवी नेता थे और उन्होने पूरी निष्ठा के साथ राष्ट्र की सेवा की। प्रणब दा का प्रतिष्ठित राजनीतिक जीवन पूरे देश के लिए बहुत ही गर्व की बात है”।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि “प्रणब दा का पूरा जीवन मातृभूमि की सेवा के लिए समर्पित रहा, वह देश के लिए अपनी निष्काम सेवा और अमिट योगदान के लिए हमेशा याद किये जायेंगे। उनके निधन से भारतीय राजनीति में एक विशाल शून्य उत्पन्न हुआ है। इस अपूरणीय क्षति पर उनके परिजनों और समर्थकों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूँ। ॐ शांति शांति शांति”।

News Stump
News Stumphttps://www.newsstump.com
With the system... Against the system