भोपालः मध्य प्रदेश में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर शिकंजा कसने के लिए केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) ने अभियान तेज किया है। मिशन युवा रक्षा के तहत रतलाम जिले के जावरा में छात्रों के बीच नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं, नीमच और मंदसौर में अफीम उत्पादकों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जन सुनवाई भी की गई।
जावरा में छात्रों को बताया नशे का नुकसान
मिशन युवा रक्षा के तहत जी. टी. पॉलिटेक्निक कॉलेज, जावरा में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान, नशे की रोकथाम और नशामुक्त समाज के निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में प्रस्तुतियों और जागरूकता वीडियो के जरिए छात्रों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। इसके अलावा प्रश्नोत्तरी जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नशामुक्त भारत की शपथ ली और उस पर हस्ताक्षर किए।
मंदसौर में अफीम उत्पादकों के बीच जागरूकता कार्यक्रम
सीबीएन और ब्रह्माकुमारीज के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत मंदसौर में भी नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें करीब 50 अफीम उत्पादकों और 40 सीबीएन अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान और नशामुक्त भारत के निर्माण में लोगों की भूमिका पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का समापन नशामुक्त भारत की शपथ के साथ हुआ।
नीमच और मंदसौर में 450 से ज्यादा उत्पादकों की जन सुनवाई
जागरूकता कार्यक्रमों के साथ सीबीएन ने अफीम उत्पादकों की समस्याओं के समाधान के लिए नीमच और मंदसौर में जन सुनवाई कार्यक्रम भी आयोजित किए। दोनों स्थानों पर 450 से अधिक अफीम उत्पादकों ने हिस्सा लिया।
जन सुनवाई के दौरान नाम सुधार, नामांतरण और आगामी निपटान अभियान 2026-27 की पात्रता से जुड़े मामलों समेत उत्पादकों की विभिन्न शिकायतों और सवालों को सुना गया। सीबीएन के मुताबिक, कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया।
बिचौलियों से सावधान रहने की अपील
सीबीएन ने अफीम उत्पादकों को बिचौलियों से सावधान रहने की सलाह दी। उत्पादकों से कहा गया कि किसी भी तरह की जानकारी, स्पष्टीकरण या सहायता के लिए बिचौलियों पर निर्भर रहने के बजाय सीधे सीबीएन से संपर्क करें।
जागरूकता के साथ प्रवर्तन पर भी जोर
सीबीएन के मुताबिक, नशे के खिलाफ अभियान केवल अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है। युवाओं और अफीम उत्पादकों के बीच जागरूकता कार्यक्रमों और सीधे संवाद के जरिए नशे के दुरुपयोग को रोकने पर भी जोर दिया जा रहा है।
ब्यूरो का कहना है कि जागरूकता अभियान, हितधारकों के साथ सीधा संपर्क और लगातार प्रवर्तन गतिविधियां अवैध मादक पदार्थों के आपूर्ति नेटवर्क को बाधित करने, नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने और स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज की दिशा में योगदान देने की उसकी कोशिश का हिस्सा हैं।
