पटना: राजस्व प्रशासन से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां अंचल अधिकारी, पाटलिपुत्र के खिलाफ गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के बाद विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी, पटना द्वारा अपर समाहर्ता को प्रपत्र-‘क’ गठित कर राज्य सरकार को प्रतिवेदित करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
राजस्व अभिलेख में हेराफेरी का आरोप
जिलाधिकारी के अनुसार, अंचल अधिकारी, पाटलिपुत्र के विरुद्ध राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी करने तथा दाखिल-खारिज (Mutation) वादों के निष्पादन में गंभीर लापरवाही बरतने के प्रमाणित आरोप पाए गए हैं। यह मामला केवल प्रशासनिक त्रुटि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कार्यप्रणाली की गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि भी जांच में हुई है।
लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी की जांच में पुष्टि
इस प्रकरण की जांच जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, पटना द्वारा कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को सही पाया गया, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की दिशा तेज कर दी गई।
स्पष्टीकरण असंतोषजनक, कार्रवाई का आधार मजबूत
आरोपी अंचल अधिकारी से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद जिला प्रशासन ने कठोर रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया।
प्रपत्र-‘क’ गठित कर सरकार को भेजने का निर्देश
जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता को निर्देश दिया है कि प्रपत्र-‘क’ गठित कर विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाए। इसके आधार पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध औपचारिक विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी।
जिलाधिकारी का सख्त संदेश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि सरकारी दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विधि-सम्मत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासनिक सख्ती के संकेत
यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि जिला प्रशासन राजस्व मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर अब और अधिक सख्त रुख अपना रहा है। दाखिल-खारिज और भूमि अभिलेखों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर अब सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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