गयाः IPS विकास वैभव की कार्यशैली एक बार फिर चर्चा में है। कुशल, संवेदनशील और जन-केंद्रित पुलिसिंग के लिए पहचाने जाने वाले आईपीएस अधिकारी विकास वैभव ने गया रेंज के आईजी का पदभार संभालते ही पुलिस और जनता के बीच दूरी कम करने की दिशा में बड़ी पहल शुरू कर दी है। शनिवार को मगध रेंज के सभी थाना क्षेत्रों में “लोक संवाद गोष्ठी” (Lok-samvad goshthi) का व्यापक आयोजन किया गया।
हर थाना क्षेत्र में हुआ “लोक संवाद”
Lok-samvad goshthi के तहत पुलिस अधिकारियों ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थलों पर आम नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित किया, उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिलाया।

हर महीने होगी नियमित जनसुनवाई
आईजी विकास वैभव ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक माह के प्रथम शनिवार को अपराह्न 4 बजे सभी थाना क्षेत्रों में नियमित रूप से इस तरह की गोष्ठियां आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और मानवीय बनाना है।
पुलिसिंग में दिख रही नई सोच
मगध रेंज में शुरू हुई यह पहल पुलिसिंग के पारंपरिक ढांचे से अलग एक नई सोच को दर्शाती है, जहां जनता को केवल शिकायतकर्ता नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था का सहभागी माना जा रहा है। गोष्ठियों में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा पुलिस प्रशासन के इस प्रयास की सराहना की।
जनता और पुलिस के बीच बढ़ेगा भरोसा
जानकारों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से आम लोगों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। साथ ही पुलिस को भी जमीनी समस्याओं को समझने और त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
पहले भी नवाचार के लिए चर्चित रहे हैं विकास वैभव
गौरतलब है कि आईजी विकास वैभव अपने कार्यकाल में समाज और प्रशासन के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित करने के लिए पहले भी कई अभिनव पहल कर चुके हैं। गया रेंज में उनकी यह नई पहल अब सुशासन और जनभागीदारी आधारित पुलिसिंग का उदाहरण बनती दिख रही है।
मीडिया ग्रुप में साझा की गईं तस्वीरें
मगध रेंज के विभिन्न जिलों से संबंधित तस्वीरें और गतिविधियों की जानकारी मीडिया ग्रुप में साझा की गई है, जिसे लेकर लोगों के बीच उत्साह और सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
“जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी ताकत”
खुद गया जी के डेल्हा थाना परिसर में जन-संवाद गोष्ठी करे हुए आईजी विकास वैभव ने कहा कि ऐसी गोष्ठियों से आमजनों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ता है तथा पुलिस की कार्यशैली में पारदर्शिता आती है।
आगे उन्होंने कहा-“पुलिस और जनता के बीच विश्वास ही बेहतर कानून व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है। आमजनों के सहयोग और सुझावों से ही प्रभावी एवं संवेदनशील पुलिसिंग संभव है।”

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