पटनाः बिहार सरकार न्याय व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी एवं जनहितकारी बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में गृह विभाग के प्रशासनिक पदाधिकारीगण के साथ तीन नए आपराधिक कानूनों एवं इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
न्याय व्यवस्था को तकनीक-सक्षम बनाने पर जोर
बैठक में नए आपराधिक कानूनों के सफल एवं समयबद्ध कार्यान्वयन, न्याय प्रणाली में तकनीकी सुधार तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राज्य की न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम एवं आमजन के लिए सुगम बनाया जाए, ताकि नागरिकों को त्वरित एवं प्रभावी न्याय मिल सके।
नागरिक सेवा पोर्टल के प्रचार-प्रसार के निर्देश
उन्होंने नागरिक सेवा पोर्टल के प्रति व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल सेवाओं का लाभ मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आम नागरिकों को पोर्टल की सुविधाओं की जानकारी दी जाए।
स्पीडी ट्रायल के माध्यम से त्वरित न्याय पर बल
बैठक के दौरान स्पीडी ट्रायल व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी बल दिया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से कार्य करें, ताकि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
ICJS के माध्यम से विभागीय समन्वय होगा मजबूत
इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के बीच सूचना आदान-प्रदान को और अधिक मजबूत एवं व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से पुलिस, न्यायालय, जेल प्रशासन एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा, जिससे अपराध नियंत्रण और न्यायिक प्रक्रिया दोनों अधिक प्रभावी बनेंगी।
उद्योग एवं व्यापार जगत की सुरक्षा पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने राज्य में उद्योग एवं व्यापार के अनुकूल वातावरण बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे उद्योगपतियों, व्यवसायियों एवं प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक करें तथा उनकी सुरक्षा एवं आवश्यकताओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीरतापूर्वक ध्यान दें।
सुझावों के आधार पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
उन्होंने कहा कि उद्योग एवं व्यापार जगत राज्य की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए उनकी समस्याओं एवं सुझावों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि निवेश एवं व्यापार को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाए।
अधिकारियों ने प्रस्तुत की प्रगति रिपोर्ट
बैठक में गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, तकनीकी ढांचे की मजबूती तथा ICJS प्रणाली की वर्तमान प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए राज्य में कानून व्यवस्था एवं न्यायिक प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में सतत प्रयास करने का निर्देश दिया।
सुशासन और त्वरित न्याय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
यह समीक्षा बैठक बिहार सरकार की सुशासन, त्वरित न्याय एवं तकनीकी नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। राज्य सरकार का उद्देश्य आम जनता को अधिक सुलभ, पारदर्शी एवं प्रभावी न्याय व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिससे लोगों का प्रशासन एवं कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
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