कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार

अजय वर्मा
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नई दिल्ली: नए कृषि कानूनों को लेकर अब सरकार और सुप्रीम कोर्ट आमने—सामने है। कोर्ट ने साफ तौर पर कह दिया है कि या तो वह कानून रोके या कोर्ट रोकेगी। कल 12 जनवरी को फैसला आने की उम्मीद है।

सरकार को फटकार

किसान आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई है। उसने दो टूक कहा है कि वह पूरे कानून पर रोक लगाएं और इस मामले का कोई साझा हल निकाले या फिर अदालत ही आदेश जारी करें। मालूम हो कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ देश में किसानों का आंदोलन पिछले 48 दिनों से चल रहा है। अब तक 8 दौर की बातचीत बेनतीजा रही है।

आंदोलन की अनुमति

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि हम आंदोलन को खत्म नहीं करना चाहते, आप इसे जारी रखिए। हम यह जानना चाहते हैं कि अगर कानून रुक जाता है तो क्या आप आंदोलन की जगह बदलेंगे। चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि हमें आशंका है कि किसी दिन किसान आंदोलन के दौरान हिंसा भड़क सकती है। अगर कुछ घटित होता है तो उसके जिम्मेदार सब होंगे, हम नहीं चाहते कि हमारे हाथ रक्त रंजित हो। सरकारी वकील हरीश साल्वे ने कहा कि सिर्फ कानून के विवादित हिस्सों पर रोक लगाइए। इसके बाद चीफ जस्टिस ने कहा कि हम पूरे कानून पर रोक लगाएंगे, इसके बाद भी संगठन चाहें तो आंदोलन जारी रख सकते हैं।

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समाचार संपादक
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