नई दिल्लीः यूट्यूबर-पॉडकास्टर पत्रकार शुभंकर मिश्रा के चर्चित पॉडकास्ट ‘Subhankar Mishra Podcast’ का हालिया एपिसोड इन दिनों सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा में है। वजह बनीं इस पॉडकास्ट की मेहमान सीमा आनंद (Seema Ananad) , जिनके एक बयान ने देखते ही देखते विवाद का रूप ले लिया। मामला इतना बढ़ गया कि अब यह सिर्फ एक पॉडकास्ट तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बोलने की आज़ादी, सामाजिक मर्यादा और कंटेंट की जिम्मेदारी को लेकर बहस छिड़ गई है।
कौन हैं सीमा आनंद
सीमा आनंद कोई नई या अनजान शख्सियत नहीं हैं। वह लंबे समय से लेखक, स्टोरीटेलर, मिथोलॉजिस्ट और सेक्स एजुकेटर (Sex Educator Seema Anand) के तौर पर सक्रिय रही हैं। लंदन में रहने वाली सीमा आनंद रिश्तों, इंटिमेसी, यौन शिक्षा और भारतीय परंपराओं में मौजूद काम और प्रेम की अवधारणाओं पर खुलकर बात करने के लिए जानी जाती हैं। सोशल मीडिया और पॉडकास्ट के ज़रिए वह लगातार उन विषयों को उठाती रही हैं, जिन्हें भारतीय समाज में आज भी असहजता और चुप्पी के साथ देखा जाता है।
सीमा आनंद ने पॉडकास्ट में क्या कहा
शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान सीमा आनंद ने अपने जीवन से जुड़ा एक निजी अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले एक 15 साल के लड़के ने उन्हें बेहद आपत्तिजनक और अश्लील भाषा में संबोधित किया था। उस वक्त उनकी उम्र 60 साल से अधिक थी। सीमा आनंद ने इस घटना को समाज में यौन शिक्षा की कमी और गलत मानसिक कंडीशनिंग का उदाहरण बताते हुए रखा।
वायरल क्लिप और बढ़ता विवाद
जैसे ही इस बातचीत का छोटा सा वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, मामला तेजी से गरमा गया। बड़ी संख्या में लोगों को नाबालिग के संदर्भ में इस तरह की बात सार्वजनिक मंच पर किए जाने पर आपत्ति हुई। सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि क्या ऐसे संवेदनशील विषयों को बिना पर्याप्त संदर्भ और चेतावनी के बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रखा जाना चाहिए।
विरोध और समर्थन, दो हिस्सों में बंटी राय
आलोचकों का कहना है कि इस तरह की बातें बच्चों से जुड़े बेहद संवेदनशील मुद्दों को हल्के अंदाज़ में पेश करती हैं और इससे गलत संदेश जा सकता है। वहीं समर्थकों का तर्क है कि सीमा आनंद ने किसी अपराध को बढ़ावा नहीं दिया, बल्कि एक सामाजिक सच्चाई को सामने रखा है, जिस पर चर्चा होना ज़रूरी है। उनका मानना है कि ऐसी घटनाओं पर खुलकर बात किए बिना समाज में यौन शिक्षा और सोच में सुधार संभव नहीं है।
शुभंकर मिश्रा की भूमिका पर सवाल
इस विवाद के बाद सवाल सिर्फ सीमा आनंद तक सीमित नहीं रहे। पॉडकास्ट होस्ट शुभंकर मिश्रा की भूमिका को लेकर भी बहस छिड़ गई है। कुछ लोगों का कहना है कि इतने बड़े प्लेटफॉर्म पर बातचीत के दौरान और अधिक संवेदनशीलता बरतनी चाहिए थी, जबकि कुछ का मानना है कि वायरल क्लिप्स को संदर्भ से काटकर फैलाया जाना विवाद को और भड़का देता है।
डिजिटल कंटेंट और जिम्मेदारी की बहस
फिलहाल यह मामला (Seema Anand controversy) सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में बना हुआ है। यह साफ हो चुका है कि डिजिटल दौर में बोलने की आज़ादी और सामाजिक मर्यादा के बीच संतुलन बनाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। सीमा आनंद का बयान किसी को जरूरी संवाद लगता है तो किसी को मर्यादा की सीमा लांघना। लेकिन इतना तय है कि यह विवाद डिजिटल कंटेंट की जिम्मेदारी और सीमाओं पर एक नई बहस को जन्म दे चुका है।





