Tuesday, August 25, 2026

पं. राजकुमार शुक्ल को मिलेगा राजकीय सम्मान, CM सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान; पाठ्यक्रम में भी शामिल होगी जीवनी

151वीं जयंती पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की बड़ी घोषणा, पाठ्य पुस्तकों में शामिल होगी जीवनी; राजेश भट्ट ने भारत रत्न की मांग दोहराई

-Advertise with US-

पटनाः चंपारण सत्याग्रह के महानायक पंडित राजकुमार शुक्ल की 151वीं जयंती पर आयोजित समारोह में उनके सम्मान को लेकर बिहार सरकार ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि अगले वर्ष से पंडित राजकुमार शुक्ल की जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने उनकी जीवनी को राज्य की पाठ्य पुस्तकों में शामिल करने की घोषणा की, जबकि कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने उनके नाम पर संग्रहालय स्थापित करने की बात कही।

बिहार विधान परिषद एनेक्सी हॉल में आयोजित समारोह में पंडित राजकुमार शुक्ल के योगदान को याद करने के साथ उन्हें भारत रत्न देने की मांग भी मजबूती से उठाई गई। कार्यक्रम में कला, साहित्य, पत्रकारिता और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पं. राजकुमार शुक्ल शिखर सम्मान भी प्रदान किया गया।

अगले वर्ष राजकीय समारोह के रूप में मनेगी जयंती

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि चंपारण सत्याग्रह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का ऐतिहासिक अध्याय है। पंडित राजकुमार शुक्ल ने किसानों की समस्या को सामने लाने और महात्मा गांधी को चंपारण तक लाने में निर्णायक भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शुक्ल ने किसी जाति या धर्म विशेष के लिए नहीं, बल्कि देश की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने घोषणा की कि अगले वर्ष पंडित राजकुमार शुक्ल की जयंती राजकीय समारोह के रूप में आयोजित की जाएगी।

- Advertisement -

पाठ्य पुस्तकों में शामिल होगी जीवनी

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में पंडित राजकुमार शुक्ल की भूमिका को वह स्थान नहीं मिल सका, जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की पाठ्य पुस्तकों में अब उनकी जीवनी को शामिल किया जाएगा।

तिवारी ने चंपारण की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि महात्मा गांधी को चंपारण तक पहुंचाने में पंडित शुक्ल के प्रयास बेहद महत्वपूर्ण थे। पाठ्यक्रम में उनकी जीवनी शामिल होने से नई पीढ़ी उनके संघर्ष और योगदान को बेहतर ढंग से जान सकेगी।

- Advertisement -

पंडित राजकुमार शुक्ल के नाम पर बनेगा संग्रहालय

कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि पंडित राजकुमार शुक्ल से जुड़ी स्मृतियों और चंपारण सत्याग्रह के अवशेषों को संरक्षित करने के लिए उनके नाम पर संग्रहालय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इतिहास को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। संग्रहालय के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को चंपारण सत्याग्रह और पंडित राजकुमार शुक्ल के संघर्ष से सीधे परिचित कराया जा सकेगा।

राजेश भट्ट ने भारत रत्न की मांग को फिर दी धार

पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह लोजपा (रामविलास) के प्रवक्ता राजेश भट्ट ने अपने संबोधन में पंडित राजकुमार शुक्ल को भारत रत्न से नवाजे जाने की मांग को मजबूती से दोहराया। उन्होंने कहा कि चंपारण सत्याग्रह के इतिहास में शुक्ल की भूमिका महज महात्मा गांधी को चंपारण बुलाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि उन्होंने आंदोलन की जमीन तैयार करने और किसानों की आवाज को प्रभावी ढंग से उठाने में अपना सर्वस्व लगा दिया।

राजेश भट्ट ने कहा कि 1916 के लखनऊ अधिवेशन में पंडित शुक्ल और महात्मा गांधी की मुलाकात चंपारण सत्याग्रह की पृष्ठभूमि तैयार करने वाली महत्वपूर्ण घटना थी। शुक्ल के लगातार आग्रह के बाद गांधी चंपारण पहुंचे और किसानों के शोषण के खिलाफ आंदोलन शुरू हुआ।

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में पंडित राजकुमार शुक्ल को भारत रत्न देने की अनुशंसा की गई थी, लेकिन यह मामला अब भी लंबित है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। साथ ही पटना में उनकी प्रतिमा स्थापित करने और जयंती-पुण्यतिथि पर सार्वजनिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करने की मांग भी रखी।

कल्पना पटवारी समेत चार हस्तियों को शिखर सम्मान

समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए पं. राजकुमार शुक्ल शिखर सम्मान प्रदान किया गया। कला के क्षेत्र में लोक गायिका कल्पना पटवारी, साहित्य में डॉ. दिवाकर राय, पत्रकारिता में पुष्यमित्र और समाजसेवा के क्षेत्र में गोपाल कृष्ण मोदी को सम्मानित किया गया।

सम्मान ग्रहण करने के बाद कल्पना पटवारी ने पंडित राजकुमार शुक्ल से अपने जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने बताया कि 2017 में चंपारण स्थित उनके गांव जाने के बाद इस ऐतिहासिक विषय पर काम करने की प्रेरणा मिली थी। उन्होंने आगे भी चंपारण सत्याग्रह पर काम करने की बात कही।

छात्रों को बांटे गए स्कूल बैग

कार्यक्रम के दौरान पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान की ओर से छात्रों के बीच स्कूल बैग का वितरण भी किया गया।

151वीं जयंती पर आयोजित इस समारोह ने पंडित राजकुमार शुक्ल के योगदान को फिर से सार्वजनिक विमर्श के केंद्र में ला दिया। राजकीय समारोह, पाठ्य पुस्तकों में जीवनी और प्रस्तावित संग्रहालय की घोषणाओं के साथ अब भारत रत्न की मांग भी एक बार फिर जोर पकड़ती दिखी।

- Advertisement -
अभय पाण्डेय
अभय पाण्डेयhttp://www.newsstump.com
अभय पाण्डेय एक युवा और प्रतिभाशाली पत्रकार हैं। देश के कई प्रतिष्ठित समाचार चैनलों, अखबारों और पत्रिकाओं में बतौर संवाददाता अपनी सेवाएं दे चुके अभय ने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUST) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अभय ने वर्ष 2004 में PTN News के साथ अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की थी। अपनी बेहतरीन रिपोर्टिंग और जमीनी पकड़ के दम पर उनकी कई खबरें राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर चुकी हैं।

Related Articles

-Advertise with US-

लेटेस्ट न्यूज़

Intagram

108 Followers
Follow