Wednesday, February 11, 2026

हार्ट अटैक आने पर मरीज को दें CPR, बच सकती है जान- डॉ. तापस साहू

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रांची: बदलते दौर में हार्ट अटैक के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अगर वक्त पर उपचार ने हो तो ये खतरनाक भी साबित हो सकता है। उम्मीद की एक किरण यह भी है कि Heart Attack के खतरे से बाहर निकालने में सीपीआर एक अहम रोल निभाता है। मेदांता हॉस्पीटल रांची के क्रिटिकल केयर डिपार्टमैंट के सीनियर कंसल्टैंट डॉक्टर तापस साहू (Dr. Tapas Sahu) का कहना है कि अगर किसी को हार्ट अटैक आता है और वक्त पर CPR दे दिया जाए तो मरीज की जीवन को बचाया जा सकता है।

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डॉक्टर तापस साहू ने बताया कि आम बोलचाल की भाषा में Cardiopulmonary Resuscitation को सीपीआर कहा जाता है। दरअसल यह इमरजेंसी मैडिकल तकनीक है, जिसके जरिए किसी व्यक्ति की सांस, दिल के रुक जाने पर उसकी जान बचाई जा सकती है। यह हार्ट के बंद होने के बाद फिर चालू करने की प्रक्रिया है।

CPR देने में इन बातों का रखें ध्यान

हालांकि उनका यह भी कहना था कि अगर हम किसी को CPR दे रहे हैं तो कुछ सावधानी भी बरतने की जरूरत होती है। जैसे कि अगर किसी को सीपीआर दे रहे हैं तो प्रति मिनट 100-120 CPR देना चाहिए। दबाव का ख्याल रखना चाहिए। 30 CPR देने के साथ ही दो बार सांस भी देना चाहिए। प्रति दो मिनट में पांच साइकिल पूरा होना चाहिए। एक साइकिल में तीस सीपीआर होना चाहिए। डॉ. तापस कहते हैं कि सीपीआर के साथ ही डिफिब्रिलेटर मशीन की भी जरूरत पड़ती है। इससे मरीज की जान को बचाए जाने की संभावना और बढ़ जाती है।

कोई भी व्यक्ति दे सकता है CPR

डॉक्टर तापस साहू ने बताया कि सीपीआर देने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षित हो जाने के बाद इसे आम आदमी भी दे सकता है। पोस्ट कोविड ऐसी घटनाएं बढ़ गई है। दरअसल कोरोना फेफड़े पर असर डालने के साथ-साथ शरीर के और भी कई अंगों पर अपना दुष्प्रभाव डालता है, जिससे हार्ट अटैक की घटनाएं बढ़ गई है।

Heart Attack से बचना है तो इन बातों का रखें ख्याल

हार्ट अटैक न हो, इसके लिए खुद को भी कुछ चीजों पर ध्यान रखना होगा। अगर वजन ज्यादा है तो कंट्रोल करना होगा। मधुमेह के रोगी हैं तो भोजन संतुलित करना होगा साथ ही दवा और इन्सुलिन लेते रहना चाहिए। हरी सब्जी और फल का ज्यादा सेवन लाभदायक होगा। बीपी पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। भोजन में तेल व वसा का जितना कम प्रयोग होगा, उतना बेहतर होगा। इसके अलावा टहलना एक बेहतर माध्यम है। सप्ताह में अगर कम से कम 150 मिनट ब्रिस्क वॉक करते हैं तो इससे खुद को फिट रखा जा सकता है।

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