आरा: भरत तिवारी प्रकरण से जुड़े हर घटनाक्रम पर इस वक्त देश की नजर है। मामले से जुड़ी छोटी-छोटी बातों को भी लोग गंभीरता से ले रहे हैं। इसी बीच एक खबर तेजी से सामने आई कि भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी को भोजपुर एसपी ने मामले को रफा-दफा करने के लिए धमकाया है। अब इन आरोपों पर भोजपुर पुलिस (Bhojpur Police) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपनी सफाई दी है।
पुलिस ने बताया भ्रामक और निराधार
भोजपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों पर चल रही यह खबर पूरी तरह भ्रामक, निराधार और तथ्यहीन है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एसपी भोजपुर पर लगाए जा रहे डराने-धमकाने के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।
संवेदना और जांच के लिए पहुंचे थे एसपी
प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक मृतक भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात करने उनके आवास पर पहुंचे थे। इस मुलाकात का उद्देश्य परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करना और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उनका पक्ष जानना था। पुलिस ने बताया कि इस दौरान शाहपुर थाना की पुलिस टीम और एक महिला सिपाही भी मौके पर मौजूद थीं।
परिजनों की सहमति से हुई अलग बातचीत
पुलिस का कहना है कि चंदन तिवारी से अलग हटकर हुई बातचीत भी पूरी तरह स्वेच्छा से हुई थी। परिवार की ओर से ही भीड़ से अलग बात करने का संकेत दिया गया था, जिसके बाद कुछ कदम की दूरी पर बातचीत की गई। इस दौरान परिजनों ने सुरक्षा उपलब्ध कराने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग रखी थी।
धमकी के आरोपों को बताया बेबुनियाद
प्रेस रिलीज में यह भी कहा गया है कि बातचीत के दौरान किसी भी प्रकार की धमकी देने या दबाव बनाने का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है। पुलिस ने दावा किया कि इस तरह के आरोप और बयान किसी बाहरी प्रभाव या बहकावे का परिणाम हो सकते हैं।
जांच पर टिकी सबकी नजर
भोजपुर पुलिस ने अपने बयान में दोहराया है कि वह मृतक भरत तिवारी के परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है और मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, इस पूरे मामले में आरोप और प्रत्यारोप का दौर जारी है। ऐसे में अब सबकी नजर जांच की दिशा और उसके निष्कर्ष पर टिकी हुई है।
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