Sunday, September 27, 2026

SIR पर चुनाव आयोग का बड़ा फैसलाः नोटिस पाने वालों के घर जाएंगे BLO, दिल्ली-महाराष्ट्र में बढ़ी समयसीमा

नोटिस पाने वाले मतदाताओं को सुनवाई के लिए कार्यालय बुलाने की जरूरत नहीं, BLO घर जाकर जुटाएंगे दस्तावेज; दिल्ली में 30 अक्टूबर और महाराष्ट्र में 12 अक्टूबर तक दावे-आपत्तियां दाखिल करने का मौका

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नई दिल्ली: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग ने शनिवार, 26 सितंबर को हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR के दौरान जानकारी उपलब्ध नहीं होने या तार्किक विसंगतियों के चलते जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें हर मामले में सुनवाई के लिए निर्वाचन कार्यालय बुलाने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे मामलों में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) संबंधित मतदाता के घर जाकर जरूरी दस्तावेज जुटाएंगे और उन्हें ECI-Net पर अपलोड करेंगे। इसके बाद निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर निर्णय लेंगे।

नोटिस पाने वालों के घर जाएंगे BLO

आयोग के मुताबिक, नोटिस प्राप्त करने वाले लोगों को सामान्य तौर पर ERO या AERO कार्यालय में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए नहीं बुलाया जाएगा। केवल असाधारण परिस्थितियों में, ERO के निर्णय के अनुसार ऑनलाइन सुनवाई कराई जा सकेगी। आयोग ने ऑनलाइन सुनवाई की सुविधाओं को और मजबूत करने का भी फैसला किया है।

जरूरत पड़ने पर मतदाता अपने परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत कर सकेगा। इस फैसले से उन मतदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें दस्तावेज जमा करने या सुनवाई के लिए निर्वाचन कार्यालय तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है।

गरीब, मजदूर और बेघर लोगों के लिए विशेष कैंप

चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जरूरत के मुताबिक रात्रि आश्रय गृहों, श्रमिकों, गरीबों और बेघर लोगों के लिए पर्याप्त संख्या में हेल्प डेस्क बनाए जाएं। इसके अलावा विशेष शिविर आयोजित कर ऐसे लोगों को मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया में सहायता देने की व्यवस्था की जाएगी।

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आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि SIR के लिए फॉर्म-6 के साथ लगाए जाने वाले घोषणा-पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है। वहीं, SIR की अवधि से बाहर सामान्य मतदाता पंजीकरण के लिए मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत निर्धारित संबंधित फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा।

ECI-Net की होगी स्वतंत्र समीक्षा

बैठक में ECI-Net को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। आयोग ने बताया कि क्षेत्रीय अधिकारियों को उनकी वैधानिक शक्तियों के अनुरूप ECI-Net पर भूमिका-आधारित पहुंच दी गई है। अब वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति इस प्रणाली की समीक्षा करेगी।

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इस समिति में IIT या IIIT का एक स्वतंत्र विशेषज्ञ भी शामिल होगा। समिति यह जांचेगी कि ECI-Net की कार्यप्रणाली संबंधित कानूनों और नियमों के अनुरूप है या नहीं। आयोग ने कहा है कि राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से मिले सुझावों के आधार पर पिछले कुछ महीनों में पोर्टल में कई अपग्रेड किए जा चुके हैं।

दिल्ली में 30 अक्टूबर तक दाखिल होंगे दावे और आपत्तियां

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध को देखते हुए आयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी है। वहीं, नोटिस तथा दावे-आपत्तियों के निपटारे की समयसीमा अब 30 नवंबर 2026 तक होगी।

महाराष्ट्र के लिए भी समयसीमा में बदलाव किया गया है। वहां नोटिस और दावे-आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर 2026 तथा इनके निपटारे की समयसीमा 10 नवंबर 2026 कर दी गई है।

20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR पूरा

आयोग ने बताया कि बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में SIR का काम पूरा हो चुका है। आयोग के मुताबिक, SIR के दौरान या उसके बाद जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में छूट गया है, वे निरंतर अद्यतन प्रक्रिया के तहत संबंधित ERO के पास आवेदन कर सकते हैं।

इसमें युवा और पहली बार मतदान करने वाले लोग भी शामिल हैं। आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को ऐसे मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है। CEO, DEO और ERO को इस प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है।

बैठकों का एजेंडा और मिनट्स भी होंगे सार्वजनिक

आयोग ने अपनी कार्यप्रणाली को लेकर भी कई फैसले किए हैं। अब आयोग की बैठकों का एजेंडा पहले ही जारी किया जाएगा और बैठक की कार्यवाही यानी मिनट्स भी जारी किए जाएंगे।

इसके अलावा सभी अधिकारियों की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (APAR) हर साल 31 दिसंबर तक पूरी करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों की विदेश यात्राओं के लिए आयोग की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। आयोग ने यह भी कहा है कि आयुक्तों द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का अधिकारियों को पूरी बारीकी से पालन करना होगा।

कैबिनेट सचिव को लिखे पत्र पर भी आयोग की सफाई

आयोग ने कैबिनेट सचिव को लिखे गए पत्र को लेकर भी स्पष्टीकरण दिया है। आयोग का कहना है कि यह पत्र किसी नीतिगत मामले या IT प्रभाग से जुड़ा नहीं था, बल्कि ECI में प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था।

आयोग ने यह भी दोहराया कि SIR को लेकर 24 जून 2025 को जारी आदेश आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी हुआ था। आयोग के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने भी 27 मई 2026 के अपने आदेश में इसे सही ठहराया है।

गोवा में भी छूटे हुए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया का जिक्र आयोग ने किया है। CEO गोवा ने संबंधित BLO को ऐसे मतदाताओं के घर जाकर फॉर्म इकट्ठा करने का निर्देश दिया है। आयोग के मुताबिक, 97 ऐसे मतदाताओं में से 81 पहले ही नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 भर चुके हैं।

आयोग ने कहा है कि 26 सितंबर को हुई बैठक में लिए गए सभी फैसलों के आधार पर यह प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है और इसे पूरे आयोग की मंजूरी प्राप्त है।

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