आरसीपी बने जदयू के सर्वेसर्वा, भाजपा से रार की भूमिका तैयार

अजय वर्मा
Advertisements

पटना: अरुणाचल दलबदल के तुरंत बाद कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद नीतीश कुमार ने आरसीपी सिंह को सौंप दिया। यहीं से भाजपा के साथ रार के लिए ताल ठोकने की बात शुरु हो चुकी है क्योंकि एक साथ कई मोर्चे पर दोनों दल आमने—सामने आने लगे हैं।

आरसीपी की हुंकार

नया पद संभालते ही आरसीपी ने अपनी भूमिका यह कहकर बता दी कि हम किसी की पीठ में छूरा नहीं भोंकते और किसी को ये मौका भी नहीं देंगे कि हमारे पीठ में छूरा भोंक सके। उन्होंने राजद-कांग्रेस या दूसरी विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधने के बजाय भाजपा को आइना दिखाना जरूरी समझा। इसके लिए 2010 के चुनाव परिणाम की चर्चा की, जिसे दोनों दल साथ मिलकर लड़े थे। उन्होंने कहा कि उस चुनाव के परिणाम आने से पहले भी भाजपा के लोग बड़ी-बड़ी बात कर रहे थे लेकिन जब नतीजा आया तो हमारा स्ट्राइक रेट 90 प्रतिशत था। उन्होंने साफ कहा कि किसी ने अगर नीतीश कुमार के खिलाफ एक शब्द भी बोला तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

भाजपा ने कई मोर्चे खोले

उधर भाजपा भी चुप नहीं है। पार्टी नेता मांग उठाने लगे हैं कि गृह विभाग अब नीतीश कुमार किसी दूसरे को सौंपे। यह भी मांग उठ गई कि 15 सालों से गृह विभाग संभाल रहे आमिर सुबहानी का विभाग बदला जाये। इसके अलावा लव जिहाद और किसान आंदोलन जैसे मसले भी सामने आने को तैयार हैं। देखना होगा कि जदयू से किस सीमा तक रार चलती है।

Advertisements

Share This Article
समाचार संपादक
Leave a Comment