लोजपा अकेले ही लड़ेगी चुनाव, केवल भाजपा से दोस्ती, जदयू से नहीं

अजय वर्मा
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पटना। लोजपा ने आखिरकार जदयू से किनारा करते हुए घोषणा कर ही दी कि वह अकेले 143 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ेगी। यही नहीं, भाजपा से उसका तालमेल बना रहेगा।

लोजपा का फैसला

उम्मीद के मुताबिक पार्टी ने ​रविवार को चुनाव में जदयू-भाजपा गठबंधन से अलग होने का औपचारिक ऐलान कर दिया। दिल्ली में पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक में बिहार में भाजपा-लोजपा सरकार बनाने का ऐलान किया गया। लोजपा ने साफ कर दिया है कि वह किसी सूरत में नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने नहीं जा रही है। वह 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने जा रही है।

आशंका पहले से ही थी

पार्टी सुप्रीमो चिराग पासवान के कुछ दिनों से आ रहे बयान बता रहे थे कि जदयू के साथ चुनावी तालमेल नहीं हो रहा है। हालांकि केंद्रीय स्तर पर वह भाजपा के साथ है। वे नीतीश सरकार पर हमलावर भी थे। दिल्ली में रामविलास पासवान की तबीयत अचानक खराब होने के कारण कल संसदीय वोर्ड की बैठक टाल दी गयी थी।

पार्टी ने दिये थे संकेत

लोजपा ने कई मौकों पर इसके संकेत भी दिये थे। कहा था—लोजपा बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव नहीं लड़ेगी, लोजपा किसी सूरत में जदयू की विचारधारा का समर्थन नहीं करेगी, भाजपा से लोजपा की कोई कटुता नहीं है, लोजपा बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनाना चाहती है आदि।

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समाचार संपादक
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