एक बार फिर नीतीशे कुमार, दिवाली बाद शपथग्रहण संभव

अजय वर्मा
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पटना: रोमांचक चुनावी नतीजों के बाद आखिरकार राजग के सिर बिहार का ताज आया। महागठबंधन की जीतते—जीतते हार हो गई। चिराग की बड़ी जीत की उम्मीदों पर पानी फिरा तो फायदा आवैसी को हुआ।

आंकड़ों में नतीजा

देर रात जाकर सभी सीटों के नतीजे आ सके। इसमें भाजपा को 74, जदयू को 43, राजद को 75, कांग्रेस को 19, लोजपा को 1,ओवैसी की पार्टी को 5 और अन्य को 1 सीट मिली। गणित के हिसाब में राजग को बहुमत मिला और वादे के मुताबिक नीतीश कुमार ही सीएम बनेंगे और भाजपा बड़ी पार्टी होने के नाते बड़े भाई की हैसियत में फिलहाल रहेगी।

राजद को था पूरा भरोसा

राजद को इस बार पूरा भरोसा था कि सत्ता उसे ही मिलेगी। उसने जोर लगाया, तेजस्वी ने मेहनत की और 10 लाख नौकरी का वादा कर जनभावनाएं भी बटोरी लेकिन मोदी—नीतीश लहर में लालटेन बुझ गई। जंगल राज का कलंक वे अपने सिर से धो नहीं सके। इतना तो तय है कि नीतीश को मजबूत विपक्ष मिला है।

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समाचार संपादक
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